नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज यमुना और दिल्ली का कायाकल्प एक सीएसआर संवाद कार्यक्रम में उद्योग जगत, मल्टीनेशनल कंपनियों, कॉपोर्रेट्स और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रमुखों के साथ शामिल हुईं। माननीय उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में आयोजित इस संवाद का उद्देश्य दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण-मुक्त बनाने की दिशा में सार्वजनिक-निजी साङोदारी को मजबूत करना था।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना प्रदूषण, वायु प्रदूषण और बढ़ते कचरे जैसे मुद्दों का समाधान केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए उद्योग जगत, नागरिक समाज और सार्वजनिक संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इस बैठक में आधुनिक तकनीक आधारित सीवर ट्रीटमेंट, दीर्घकालिक पर्यावरणीय कार्य-संस्कृति, और सीएसआर कॉर्पस फंड जैसे ठोस समाधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार यमुना किनारे स्वच्छता, हरियाली और पर्यावरणीय जागरूकता के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
हाल ही में यमुना किनारे बनसेरा, असीता और वाटिका जैसी परियोजनाओं की शुरूआत इस संकल्प का उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से अपील की कि वे न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें, बल्कि अपनी सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से दीर्घकालिक और सतत उपायों को अपनाएं। इस अवसर पर कैबिनेट सहयोगी प्रवेश साहिब सिंह और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने सुझाव साझा किए और दिल्ली को स्वच्छ, हरित और हरित ऊर्जा आधारित शहर बनाने के लिए व्यावहारिक रणनीतियों पर विचार किया।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब सभी स्टेकहोल्डर्स एकजुट होकर काम करेंगे, तो दिल्ली को प्रदूषण-मुक्त और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के संवाद और सहयोग से राजधानी के लिए स्थायी और दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किए जा सकेंगे। कार्यक्रम का समापन सभी सहभागी संस्थाओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की ओर से दिल्ली को एक स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-हितैषी शहर बनाने के संकल्प के साथ किया गया।
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