Last Updated: November 7, 2026

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दिवाली पर क्यों बनाई जाती है सूरन की सब्जी… जानिए इसका धार्मिक महत्व, फायदे और बनाने का आसान तरीका

November 7, 2026

दिवाली पर क्यों बनाई जाती है सूरन की सब्जी… जानिए इसका धार्मिक महत्व, फायदे और बनाने का आसान तरीका

Suran Ki Sabzi : दिवाली का त्योहार आते ही हर घर में रौनक बढ़ जाती है। लोग घरों की साफ-सफाई और सजावट के साथ-साथ तरह-तरह के पकवान बनाने की तैयारियों में जुट जाते हैं। इस खास मौके पर मिठाइयों से लेकर नमकीन व्यंजनों तक कई तरह की चीजें बनाई जाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तर भारत के कई इलाकों में दिवाली के दिन सूरन यानी जिमीकंद की सब्जी

बनाने और खाने की एक खास परंपरा है?
यह सब्जी सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के कारण भी खास मानी जाती है। माना जाता है कि दिवाली के दिन सूरन की सब्जी खाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और परिवार में धन-धान्य की बरकत बनी रहती है। आइए जानते हैं कि दिवाली पर सूरन की सब्जी बनाने की परंपरा क्यों है और इसे स्वादिष्ट तरीके से कैसे तैयार किया जा सकता है।

दिवाली पर सूरन की सब्जी खाने की क्या है परंपरा?
उत्तर भारत के कई राज्यों में दिवाली के दिन सूरन की सब्जी बनाने का रिवाज है। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कई परिवारों में इसे दिवाली के खास भोजन का हिस्सा माना जाता है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, सूरन को सुख-समृद्धि और परिवार की तरक्की का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि दिवाली जैसे शुभ त्योहार पर इसे बनाना अच्छा माना जाता है।

सूरन की सब्जी का धार्मिक और पारंपरिक महत्व

1. घर में सुख-समृद्धि आने की मान्यता
ऐसा माना जाता है कि दिवाली के दिन सूरन की सब्जी खाने से घर में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहती है। सूरन जमीन के अंदर उगता है और इसकी जड़ काफी मजबूत होती है। इसलिए इसे घर की मजबूती और आर्थिक स्थिरता का प्रतीक माना जाता है।

2. परिवार की तरक्की का प्रतीक है सूरन
सूरन की सबसे खास बात यह है कि इसे जमीन से निकालने के बाद भी अगर इसका कुछ हिस्सा मिट्टी में रह जाए तो अनुकूल मौसम में यह दोबारा उग सकता है। इसी खासियत को परिवार की लगातार तरक्की, धन-संपत्ति में बढ़ोतरी और वंश वृद्धि से जोड़कर देखा जाता है।

3. धन और बरकत से जुड़ी है मान्यता
जिमीकंद लंबे समय तक खराब नहीं होता और इसे काफी समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। इसी वजह से पारंपरिक रूप से इसे घर में धन-धान्य की बरकत और स्थायित्व का प्रतीक माना जाता है। कुछ परिवारों में इसे मां लक्ष्मी को अर्पित करने की भी परंपरा है।

4. मुश्किल समय में लोगों का सहारा बना सूरन
बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सूरन को लेकर एक पुरानी मान्यता प्रचलित है। माना जाता है कि पुराने समय में अकाल और खाने की कमी के दौरान इस कंद ने लोगों को भोजन उपलब्ध कराया था। इसी कारण इसे प्रकृति का अनमोल उपहार माना जाने लगा और दिवाली पर इसे बनाने की परंपरा शुरू हुई।

सूरन काटते और पकाते समय क्यों होती है गले में खुजली?
सूरन की सब्जी स्वाद में जितनी अच्छी होती है, इसे तैयार करते समय उतनी ही सावधानी रखने की जरूरत होती है। कई लोगों को सूरन खाने के बाद गले में खुजली, चुभन या जलन महसूस होती है। इसका मुख्य कारण सूरन में मौजूद कैल्शियम ऑक्सालेट के छोटे-छोटे क्रिस्टल होते हैं। ये मुंह और गले में जलन या खुजली पैदा कर सकते हैं। इसलिए सूरन को पकाने से पहले सही तरीके से तैयार करना जरूरी है।

सूरन की खुजली से बचने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय

1. सूरन काटने से पहले हाथों पर लगाएं तेल
सूरन छीलते और काटते समय हाथों में खुजली हो सकती है। इससे बचने के लिए हाथों पर थोड़ा सरसों का तेल लगा लें। इससे त्वचा का सूरन के सीधे संपर्क में आना कम हो सकता है।

2. नींबू या इमली का करें इस्तेमाल
सूरन में मौजूद कैल्शियम ऑक्सालेट के कारण होने वाली परेशानी को कम करने के लिए इसे नींबू के रस या इमली के पानी में पकाना उपयोगी हो सकता है। सूरन के टुकड़ों को नींबू या इमली मिले पानी में अच्छी तरह उबालें।

3. सूरन को अच्छी तरह पकाएं
सूरन को अधपका खाने से बचें। इसे पूरी तरह पकाना जरूरी है। अच्छी तरह पकाने और खट्टे पदार्थों के साथ तैयार करने से इसकी चुभन कम हो सकती है।

घर पर इस तरह बनाएं स्वादिष्ट सूरन की सब्जी
दिवाली के मौके पर अगर आप भी घर में सूरन की सब्जी बनाना चाहते हैं तो इसे मसालेदार ग्रेवी के साथ तैयार कर सकते हैं। इसका स्वाद इतना अच्छा होता है कि इसे पूरी, रोटी या पराठे के साथ आसानी से परोसा जा सकता है।

सूरन की सब्जी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
• सूरन यानी जिमीकंद – 500 ग्राम
• प्याज का पेस्ट – 1 कप
• टमाटर का पेस्ट – 1 कप
• अदरक-लहसुन का पेस्ट – 1 बड़ा चम्मच
• दही – 2 से 3 बड़े चम्मच
• इमली का गूदा या नींबू का रस – 1 से 2 चम्मच
• जीरा – आधा छोटा चम्मच
• तेजपत्ता – 1 से 2
• हींग – एक चुटकी
• हल्दी पाउडर – आधा छोटा चम्मच
• धनिया पाउडर – 1 छोटा चम्मच
• लाल मिर्च पाउडर – स्वादानुसार
• कश्मीरी लाल मिर्च – आधा छोटा चम्मच
• गरम मसाला – आधा छोटा चम्मच
• नमक – स्वादानुसार
• हरा धनिया – बारीक कटा हुआ
• सरसों का तेल या घी – जरूरत के अनुसार

सूरन की सब्जी बनाने की आसान विधि

स्टेप 1: सबसे पहले सूरन को साफ करें
सबसे पहले सूरन को अच्छी तरह धो लें। इसके बाद छिलका उतारकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इसे काटते समय हाथों में थोड़ा तेल लगा सकते हैं, ताकि त्वचा में जलन न हो।

स्टेप 2: सूरन को उबाल लें
अब एक कुकर में सूरन के टुकड़े डालें। इसमें जरूरत के अनुसार पानी, थोड़ा नमक और नींबू का रस या इमली का पानी मिलाएं। सूरन को अच्छी तरह नरम होने तक पकाएं। ध्यान रखें कि यह पूरी तरह पक जाए।

स्टेप 3: मसाले का तड़का तैयार करें
अब एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें। तेल गर्म होने पर इसमें जीरा, तेजपत्ता और हींग डालें। इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर कुछ देर भूनें।

स्टेप 4: प्याज और टमाटर का मसाला भूनें
अब कड़ाही में प्याज का पेस्ट डालें और इसे सुनहरा होने तक पकाएं। इसके बाद टमाटर का पेस्ट डालें। साथ ही हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और नमक मिलाएं। मसाले को तब तक पकाएं जब तक तेल अलग दिखाई देने न लगे।

स्टेप 5: दही मिलाकर ग्रेवी तैयार करें
अब गैस की आंच धीमी कर दें और दही को अच्छी तरह फेंटकर मसाले में मिलाएं। दही डालते समय लगातार चलाते रहें, ताकि वह फटे नहीं। इससे सब्जी की ग्रेवी गाढ़ी और स्वादिष्ट बनेगी।

स्टेप 6: उबला हुआ सूरन मिलाएं
अब उबले हुए सूरन के टुकड़ों को कड़ाही में डाल दें। हल्के हाथों से चलाकर सभी टुकड़ों पर मसाला अच्छी तरह लगा दें। कुछ देर इसे धीमी आंच पर भूनें, ताकि मसाले का स्वाद सूरन में अच्छी तरह मिल जाए।

स्टेप 7: ग्रेवी को अच्छी तरह पकाएं
अब जरूरत के अनुसार पानी डालकर कड़ाही को ढक दें। इसे मध्यम आंच पर करीब 5 से 7 मिनट तक पकने दें। आखिर में गरम मसाला और बारीक कटा हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें।

दिवाली के खास खाने में शामिल करें सूरन की सब्जी
इस तरह आपकी स्वादिष्ट मसालेदार सूरन की सब्जी तैयार हो जाएगी। इसे गरमा-गरम पूरी, पराठे या रोटी के साथ परोस सकते हैं। दिवाली के दिन इस पारंपरिक सब्जी को बनाकर आप अपने खाने में स्वाद के साथ पुरानी परंपरा का रंग भी जोड़ सकते हैं।

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