Drunk ASI hits car, commissioner suspends him : जालंधर। Traffic Inspector के एक ASI पर शराब के नशे में कार चलाकर सड़क पर हंगामा करने और कई वाहनों को टक्कर मारने के आरोप के बाद पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ी कार्रवाई की है।
नशे में ड्राइविंग के आरोपों के बाद विभागीय जांच
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर आरोपित ट्रैफिक एएसआई जतिंदर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। घटना वर्कशाप चौक के आसपास की बताई जा रही है। आरोप है कि ट्रैफिक विंग में तैनात एएसआई जतिंदर वर्दी में ही कथित रूप से शराब के नशे में कार चला रहा था। इस दौरान उसने सड़क पर चल रहे कई वाहनों को टक्कर मारने की कोशिश की। आरोप यह भी है कि उसकी कार भारतीय जनता पार्टी की नेत्री और मानव अधिकार परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष आरती राजपूत की कार से भी टकरा गई।
वायरल वीडियो ने खोली एएसआई की पोल
घटना के बाद आरती राजपूत ने आरोपित एएसआई का पीछा किया। बताया जा रहा है कि उन्होंने उसे मकसूदा थाना क्षेत्र के पास जाकर रुकवाया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार उस समय एएसआई की हालत सामान्य नहीं थी और उसे ठीक से खड़े होने में भी परेशानी हो रही थी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। कुछ ही देर में यह वीडियो सामाजिक माध्यम पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया।
एएसआई जतिंदर सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू
पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने आरोपित एएसआई जतिंदर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और लाइन हाजिर करने के आदेश जारी कर दिए। इसके साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। उधर, पुलिस कमिश्नरेट की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सेवा नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वायरल वीडियो के बाद पुलिसकर्मी सस्पेंड
इस मामले में सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) गुरबाज सिंह की ओर से जारी बयान में कहा गया कि विभाग में अनुशासन, जवाबदेही और पेशेवर आचरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा कानून या सेवा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर किसी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई कर रहा है। फिलहाल विभागीय जांच जारी है और पुलिस वायरल वीडियो सहित अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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