पटना: भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार के 15 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुये एक सितंबर तक बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल के समक्ष पेश होने का आदेश जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2019 से पिछले छह वर्षों में कोई भी चुनाव नहीं लड़ने के कारण इन दलों की मान्यता पर सवाल उठ रहे हैं। इन दलों को एक सितंबर तक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
चुनाव आयोग के अनुसार, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत पंजीकृत राजनीतिक दलों को कई तरह की सुविधायें प्रदान की जाती हैं। ऐसे में यदि कोई दल लगातार निष्क्रिय रहता है और चुनाव प्रक्रिया में भाग नहीं लेता है तो उसकी मान्यता की समीक्षा की जाती है। यह कार्रवाई चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बनाये रखने के उद्देशय़ से की जा रही है।
जिन 15 दलों को आयोग ने नोटिस जारी है उनमें भारतीय आवाम एक्टिविस्ट पार्टी, भारतीय जागरण पार्टी, भारतीय युवा जनशक्ति पार्टी, एकता विकास महासभा पार्टी, गरीब जनता दल, जय जनता पार्टी, जनता दल हिन्दुस्तानी, लोकतांत्रिक जनता पार्टी, मिथिलांचल विकास मोर्चा, राष्ट्रवादी युवा पार्टी, राष्ट्रीय सद्भावना पार्टी, राष्ट्रीय सदाबहार पार्टी, वासुधैव कुटुम्बकम पार्टी, वसुंधरा जन विकास दल और यंग इंडिया पार्टी शामिल हैं।
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