नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कहा कि उसने आय से अधिक संपत्ति मामले में महेश्वर प्रधान और उनकी पत्नी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि एक सरकारी कर्मचारी होने के नाते उन्होंने अनुचित लाभ उठाया। उनकी आधिकारिक स्थिति और उनके स्वयं के नाम पर और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर उनकी आय के ज्ञात स्नेत से अधिक चल और अचल संपत्तियां अजर्ति की गईं।ईडी ने प्रधान और उनकी पत्नी नमिता प्रधान के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत भुवनेश्वर की एक विशेष अदालत के समक्ष आरोपपत्र दाखिल किया।
ईडी ने कहा कि अदालत ने 28 सितंबर को इसका संज्ञान लिया।ईडी ने ओएफडीसी लिमिटेड, अंगुल, ओडिशा के प्रभागीय प्रबंधक महेश्वर और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा 2.04 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति रखने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भुवनेश्वर में सतर्कता पुलिस स्टेशन द्वारा दर्ज की गई एक एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। ईडी की जांच में पाया गया है कि महेश्वर ने एक सरकारी कर्मचारी होने के नाते अपने आधिकारिक पद का अनुचित लाभ उठाया और इस तरह अपराध से पैसा कमाया और अपने नाम और अपने परिवार के नाम पर आय के ज्ञात स्नेत से अधिक चल और अचल संपत्तियां अजर्ति कीं।
उनकी पत्नी नमिता को अवैध रूप से अजर्ति आय से अधिक संपत्ति के अधिग्रहण, कब्जे, लेयरिंग और एकीकरण में अपने पति महेश्वर प्रधान की सहायता करने में शामिल पाया गया था।इससे पहले मार्च 2022 में ईडी ने करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त की थी। दोनों के नाम पर भुवनेश्वर और अंगुल में भूमि, भवन, एफडी या उपलब्ध बैंक बैलेंस आदि के रूप में 2.04 करोड़ रुपये रखे गए।
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