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अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED का बड़ा एक्शन, 25 जगहों पर छापेमारी

नेशनल डेस्क: दिल्ली में हुए ब्लास्ट के बाद फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच के घेरे में आ गई है। इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली के ओखला-जामिया नगर सहित 25 जगहों पर छापे मारे। यह कार्रवाई सुबह करीब 5 बजे शुरू हुई। ED की टीम ने यूनिवर्सिटी, उसके ट्रस्टीज़ और उनसे जुड़े कई लोगों के ठिकानों पर एक साथ रेड की है। एजेंसी पर आरोप है कि यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों ने वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी की है, इसलिए ED इसकी फंडिंग की जांच कर रही है।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम हाल ही में सामने आए व्हाइट टेरर मॉड्यूल मामले में भी आया था। इसी वजह से यह संस्थान पहले से जांच के दायरे में था। कुछ दिन पहले दिल्ली पुलिस ने भी यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी को दो बार समन भेजा था। पुलिस को संदेह है कि यूनिवर्सिटी के कामकाज में कई अनियमितताएँ हैं और चेयरमैन का बयान इन सवालों का जवाब दे सकता है।

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क्यों भेजा गया समन?

जांच एजेंसियों के हाथ कई ऐसे तथ्य लगे हैं, जिनसे पता चलता है कि विश्वविद्यालय के संचालन में कई गंभीर विसंगतियाँ हैं। चेयरमैन की भूमिका अहम है। विस्फोट में शामिल कुछ संदिग्धों का यूनिवर्सिटी से जुड़ाव हो सकता है। इसी वजह से संस्थान के रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और प्रशासनिक मंजूरी की गहन जांच की जा रही है।

जैसे-जैसे दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। प्रशासन को शक है कि यूनिवर्सिटी ने विस्तार के दौरान कई निर्माण बिना मंजूरी के किए हैं।

सूत्रों के अनुसार, हाल ही में प्रशासनिक टीम ने यूनिवर्सिटी में निरीक्षण किया, जिसमें पाया गया कि कई इमारतें नियमों के खिलाफ बनाई गईं। निर्माण के दौरान जरूरी अनुमति नहीं ली गई। इस वजह से यह उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही अवैध निर्माण पर बुलडोजर चल सकता है।

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यूनिवर्सिटी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं दो मामले

दिल्ली पुलिस पहले ही जालसाजी और धोखाधड़ी से जुड़े दो मामले यूनिवर्सिटी के खिलाफ दर्ज कर चुकी है। अब ED, दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां मिलकर व्यापक जांच कर रही हैं।

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