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नोएडा पुलिस और लुटेरे बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़, शातिर लुटेरा गिरफ्तार

October 20, 2023

नोएडा पुलिस और लुटेरे बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़, शातिर लुटेरा गिरफ्तार

नोएडा: नोएडा पुलिस और बदमाशों के बीच गुरुवार को मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में एक शातिर लुटेरा पुलिस की गोली से घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर लूट और चेन स्नेचिंग के कई मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस उसके अपराधी के इतिहास का पता लगाने की कोशिश में जुटी हुई है।

पुलिस के मुताबिक, थाना सेक्टर-113 पुलिस व लुटेरे बदमाशों के बीच एफएनजी रोड, पृथला के पास हुई मुठभेड में लुटेरा बदमाश भरत सक्सेना गोली लगने से घायल व गिरफ्तार हुआ है। पुलिस को उसके कब्जे से एक सोने की चेन के टुकड़े, एक तमंचा 315 बोर, एक खोखा व एक जिंदा कारतूस, चोरी की मोटर साइकिल बरामद हुई है। घायल बदमाश को उपचार के लिए अस्पताल भेजा जा रहा है। अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है। घायल बदमाश का साथी शिवम अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश के लिए कांबिंग की जा रही है।

देहरादून रजिस्ट्री फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड के.पी. सिंह की सहारनपुर जेल में दिल का दौरा पड़ने से मौत सहारनपुर/देहरादून,19 अक्टूबर (आईएएनएस)। सहारनपुर की जेल में गुरुवार को देहरादून फर्जी रजिस्ट्री घोटाले के मुख्य किरदार के.पी. सिंह की जेल में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। देहरादून में जमीनों की फर्जी रजिस्ट्री मामले से सुर्खयिों में आए सिंह को देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने सहारनपुर जेल में बंद के.पी. सिंह की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सिंह की हार्ट अटैक से मौत हुई। गुरुवार को उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे सहारनपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।केपी की मौत से पुलिस भी सकते में है। उसकी मौत ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच के लिए केपी सिंह एक खास कड़ी था। बीते दिनों रजिस्ट्री फर्जीवाड़े के मामले में देहरादून पुलिस ने सिंह को गिरफ्तार कर सहारनपुर कोर्ट में पेश करने के बाद उसे बी वारंट पर देहरादून लेकर आई थी। केपी सिंह देहरादून की सुद्दोवाला जेल में बंद था।

केपी सिंह को रिमांड पर लेकर एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने लंबी पूछताछ की थी। इस दौरान एसआईटी ने उससे कई राज खुलवाए थे। दून पुलिस/एसआईटी ने शुरू से ही इस प्रकरण पर बेहतर कार्य करते हुए नामवर लोगों को गिरफ्तार कर सभी को चौंका दिया था। गिरफ्तारियों पर वकीलों ने विरोध भी जताया था। केपी सिंह के खिलाफ यूपी के सहारनपुर जिले में भी कई मुकदमें दर्ज थे। ऐसे में कुछ दिनों पहले सहारनपुर पुलिस केपी सिंह को देहरादून से लेकर गई थी।

दून का मामला उजागर होते ही केपी सिंह पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर सहारनपुर जेल में दाखिल हो गया था। सितम्बर महीने में दून पुलिस पूछताछ के लिए केपी सिंह को यहां लायी थी। केपी सिंह मूल रूप से के सहारनपुर के नकुड़ का रहने वाला था। केपी सिंह ने ही सबसे पहले बैनामों में छेड़छाड़ करने का खेल शुरू किया था। केपी सिंह सहारनपुर में रखे देहरादून के रिकॉर्ड में अधिवक्ता विरमानी व इमरान के साथ मिलकर घपला करता था और फिर वास्तविक दस्तावेज को जलाकर नष्ट कर देता था। इस गैंग ने फर्जी कागजात बनाकर करोड़ों के वारे न्यारे किए। वकील विरमानी व इमरान समेटेक दर्जन से अधिक लोग जेल में बंद केपी सिंह की पत्नी भी जेल में बंद है।

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