नेशनल डेस्क: गुजरात के साबरकांठा जिले में नकली दूध और छाछ बनाने वाली एक फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। इस फैक्ट्री में डिटर्जेंट, यूरिया और अन्य खतरनाक केमिकल मिलाकर दूध और छाछ तैयार की जा रही थी। हैरानी की बात यह है कि यह अवैध कारोबार पिछले करीब पांच सालों से चल रहा था। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने करीब 71 लाख रुपये का सामान जब्त किया है।
इस मामले में एक नाबालिग समेत कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह छापा साबरकांठा में स्थित ‘श्री सत्य डेयरी प्रोडक्ट्स’ नाम की यूनिट पर मारा गया, जांच में सामने आया कि यहां पानी में मिल्क पाउडर, कास्टिक सोडा, रिफाइंड पामोलिन तेल, रिफाइंड सोयाबीन तेल, डिटर्जेंट पाउडर और यूरिया खाद मिलाकर नकली दूध तैयार किया जा रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी रोजाना करीब 300 लीटर असली दूध का इस्तेमाल करते थे और उसमें केमिकल मिलाकर उसे बढ़ाकर 1,700 से 1,800 लीटर तक बना लेते थे। इसके बाद इस मिलावटी दूध को पाउच में पैक कर आसपास के कई गांवों में सप्लाई किया जाता था। इसी तरह नकली छाछ भी तैयार कर बाजार में बेची जा रही थी।
छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में मिलावटी और जहरीला सामान बरामद किया गया, जब्त सामग्री में 450 किलो व्हे पाउडर, 625 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर, 300 किलो प्रीमियम SMP पाउडर, यूरिया खाद, कास्टिक सोडा, डिटर्जेंट पाउडर, सोयाबीन तेल और पामोलिन तेल शामिल हैं। इसके अलावा सप्लाई के लिए तैयार रखा गया 1,962 लीटर मिलावटी दूध और 1,180 लीटर मिलावटी छाछ भी जब्त की गई।
अधिकारियों ने बताया कि इन खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल दूध की मोटाई, झाग, प्रोटीन की मात्रा और रंग-रूप को नकली तरीके से बेहतर दिखाने के लिए किया जाता था, ताकि ग्राहक धोखे में आ जाएं। इस पूरे ऑपरेशन को लोकल क्राइम ब्रांच, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और फूड एंड ड्रग्स विभाग की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। फैक्ट्री से दूध बनाने और पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए हैं। फिलहाल यूनिट को सील कर दिया गया है और मामले की आगे जांच जारी है।
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