
पुणो : प्रख्यात खगोल वैज्ञानिक, सरल तरीकों से विज्ञान को लोगों को रूबरू कराने वाले पद्म विभूषण से सम्मानित डा. जयंत विष्णु नारलीकर का मंगलवार को पुणो में निधन हो गया। वह 86 वर्ष के थे। उनके परिवार के सूत्रों ने यह जानकारी दी। भारतीय विज्ञान जगत की जानी-मानी हस्ती डा. नारलीकर को व्यापक रूप से बह्रमांड विज्ञान में उनके अग्रणी योगदान, विज्ञन को लोकप्रिय बनाने के उनके प्रयासों और देश में प्रमुख अनुसंधान संस्थानों की स्थापना के लिए जाना जाता था। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, डॉ. नारलीकर ने देर रात नींद में ही आखिरी सांस ली और मंगलवार सुबह अपनी आंख नहीं खोलीं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की कि उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। हाल में पुणो के एक अस्पताल में उनके कूल्हे की सजर्री हुई थी। उनके परिवार में तीन बेटियां हैं।
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