चंडीगढ़। सरकार ने राज्य की पांच सौ से अधिक मंडियों में गेहूं और सरसों की खरीद को पारदर्शी और सुरक्षित करने के लिए पहल की हैं। इन सुधारों का उद्देश्य फर्जी खरीद पर रोक लगाना है।
मुख्यमंत्री खरीद पर रख रहे नजर
इस संबंध में मुख्यमंत्री नायब सैनी खरीद पर नजर रख रहे हैं। अधिकारियों से हर रोज रिपोर्ट ले रहे हैं। 2026-27 के लिए गेहूं का एमएसपी 2,585 रुपये प्रति क्विंटल है, जो 2025-26 रबी विपणन सीजन के 2,425 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक है। गेहूं के समर्थन मूल्य में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 6.59 प्रतिशत ज्यादा है। जौ के एमएसपी में 170 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। सरसों का एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। राज्य की मंडियों में अब तक करीब 60 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है।
पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी किए आवश्यक
हरियाणा सरकार की नई व्यवस्था के तहत पंजीकरण और खरीद से जुड़ी प्रक्रियाओं में सत्यापन को अधिक पारदर्शी बनाया है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केवल पात्र किसान ही अपनी फसल बेच रहे हैं और किसी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा रोकने में मदद मिल रही है। ई-खरीद प्रणाली में खरीददार का रजिस्ट्रेशन जरूरी किया गया है। इससे हर लेन-देन का रिकार्ड सुरक्षित रखने में मदद मिल रही है तथा जरूरत पड़ने पर उसकी जांच आसानी से की जा सकेगी। राज्य की मंडियों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है।
वाहनों को जोड़ा जीपीएस से
अनाज के परिवहन को ट्रैक करने के लिए जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली लागू की गई है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि फसल कहां से उठाई गई और कहां पहुंचाई गई, जिससे बीच में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगने में मदद मिलने लगी है।
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