पानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत के सेक्टर-25 (पार्ट-2) में सुबह करीब साढ़े सात बजे जेके हैंडलूम फैक्ट्री में आग लग गई। इस समय मजदूर अपनी शिफ्ट शुरू करने की तैयारी में थे। देखते ही देखते आग बेकाबू हो गई। फैक्ट्री की खिड़कियों से निकलती आग की लपटों ने पूरी बिल्डिंग को घेर लिया।
लोग बताते हैं कि आग की पहली चिंगारी फैक्ट्री की सबसे ऊपरी मंजिल पर देखी गई। इसके बाद आग बढ़ती चली गई। हैंडलूम फैक्ट्री में धागा, कपास और कपड़े जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों का भारी स्टॉक रहता है, इसलिए आग को फैलने के लिए महज कुछ ही समय लगा। फैक्ट्री में मौजूद श्रमिकों ने जान की परवाह न करते हुए निचले तल पर रखे तैयार माल को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन लपटों के सामने से उन्हें भी हटना पड़ा।
आग को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने मोर्चा संभाला। इसके साथ लगती दूसरी फैक्ट्रियों में भी आग फैलने का खतरा मंडराने लगा, जिसके चलते एहतियात के तौर पर पड़ोसी फैक्ट्रियों को खाली करा लिया। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और अन्य उद्यमियों को निर्देश दिए कि जब तक आग पूरी तरह बुझ नहीं जाती, तब तक वे प्लांट चालू न करें। पड़ोसी फैक्ट्रियों के कर्मचारी भी अपने निजी फायर हाइड्रेंट के जरिए आग को अपनी ओर आने से रोकने की जद्दोजहद में जुटे रहे।
हादसे की सूचना मिलते ही डायल 112 और दमकल विभाग की एक के बाद एक कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों को संकरी गलियों और भीषण गर्मी के कारण आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि, आग लगने का सटीक कारण अभी जांच का विषय है, लेकिन प्रथम दृष्टया इसे शॉर्ट सर्किट का मामला माना जा रहा है। फैक्ट्री मालिक के अनुसार, इस अग्निकांड में मशीनरी समेत लाखों-करोड़ों रुपये का तैयार माल और कच्चा माल जलकर पूरी तरह स्वाहा हो गया है। फिलहाल, राहत की सबसे बड़ी बात यही है कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।
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