नेशनल डेस्क: राजस्थान की राजनीति के जाने-माने नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हेम सिंह भड़ाना का सोमवार सुबह करीब 7 बजे निधन हो गया। वे 55 वर्ष के थे और पिछले लगभग पांच महीनों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ रहे थे।
हेम सिंह भड़ाना का इलाज जयपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। स्वास्थ्य में सुधार न होने पर कुछ दिन पहले उन्हें अलवर स्थित अपने आवास पर लाया गया था, जहां आज सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही अलवर जिले और थानागाजी विधानसभा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में समर्थक, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उनके घर पहुंच रहे हैं।
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हेम सिंह भड़ाना का राजनीतिक सफर
हेम सिंह भड़ाना राजस्थान के पूर्व मंत्री रहे हैं। वे अलवर जिले की थानागाजी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। अपने राजनीतिक करियर के दौरान उन्होंने राज्य सरकार में कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली। भड़ाना को गुर्जर समाज के प्रभावशाली नेता के रूप में जाना जाता था। उन्होंने हमेशा किसानों के हित, क्षेत्रीय विकास और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया। अपने सरल स्वभाव और जनसंपर्क के कारण वे जनता के बीच काफी लोकप्रिय थे।
भाजपा सहित अन्य दलों से रहा जुड़ाव
अपने राजनीतिक जीवन में हेम सिंह भड़ाना का भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दलों से भी जुड़ाव रहा। उन्होंने अलवर और आसपास के क्षेत्रों में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ बनाई और लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहे। उनके निधन से राजस्थान की राजनीति में एक अनुभवी और जमीनी नेता की कमी महसूस की जा रही है। कई राजनीतिक नेताओं और सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है।
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