नेशनल डेस्क: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के नजदीक बसवनतारा वन क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां एक मादा तेंदुए की मौत हो गई, जिसके गर्भ में तीन अजन्मे शावक भी पाए गए। यह घटना गुरुवार, 1 जनवरी की बताई जा रही है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने जांच के आदेश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, बेंगलुरु शहर मंडल के अंतर्गत आने वाले कग्गलीपुरा रेंज में वन विभाग के कर्मचारी नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान सर्वे नंबर 51 के पास उन्हें जंगल में एक तेंदुए का शव मिला, जब अधिकारियों ने जांच की तो पता चला कि तेंदुआ मादा था और उसकी उम्र करीब 3 से 4 साल थी।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि मादा तेंदुए की मौत करीब दो से तीन दिन पहले हुई थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसके गर्भ में तीन शावक भी मौजूद थे, जिनकी मौत भी हो चुकी थी।
वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने बताया कि शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि पास में स्थित एक खदान में किए गए पत्थरों के विस्फोट यानी रॉक ब्लास्टिंग की वजह से यह हादसा हुआ। माना जा रहा है कि तेज धमाके के कारण तेंदुए की जान चली गई। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।
वन मंत्री ने साफ कहा है कि यह जांच की जाएगी कि क्या वन क्षेत्र के अंदर या आसपास अवैध खनन गतिविधियां चल रही थीं। इसके लिए एक विस्तृत जांच टीम बनाई गई है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि अगर किसी की लापरवाही या गैरकानूनी गतिविधि के कारण वन्यजीवों की मौत हुई है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले यशवंतपुर से विधायक एस. टी. सोमशेखर ने भी इस घटना को लेकर सवाल उठाए थे और वन क्षेत्र में हो रही गतिविधियों पर चिंता जताई थी। अब सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की तह तक जाने का फैसला किया है। वन विभाग का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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