Free-flow toll begins : करनाल। अब टोल प्लाजा पर लंबी कतारों में इंतजार करना बीते दिनों की बात हो जाएगी। करनाल के बस्ताड़ा टोल प्लाजा पर गुरुवार से अत्याधुनिक मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम लागू कर दिया गया है, जिससे वाहन बिना रुके सीधे गुजर सकेंगे और टोल शुल्क स्वतः फास्टैग के माध्यम से कट जाएगा। इस नई व्यवस्था से न केवल यात्रियों का समय और ईंधन बचेगा, बल्कि टोल पर होने वाली भीड़, जाम और विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है।
पहला ट्रायल रहा था सफल
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की पीडी आकृति गुप्ता और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में इस अत्याधुनिक सिस्टम को शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार ट्रायल सफल रहा था और लागू होने के बाद भी यातायात पूरी तरह सुचारू बना है। अब टोल प्लाजा पर न तो कोई बूथ दिखाई देगा और न ही बैरियर। वाहन बिना किसी रुकावट के सीधे गुजर रहे हैं।
हो चुकी जांच अब निगरानी जरूरी
नई व्यवस्था के तहत टोल कर्मचारियों की भूमिका भी बदल गई है। अब स्टाफ केवल तकनीकी संचालन और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेगा। किसी वाहन को रोककर दस्तावेज या पहचान पत्र जांचने की प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है, जिससे ट्रैफिक का प्रवाह पहले से कहीं अधिक सहज हो गया है। एमएलएफएफ सिस्टम लागू होने के साथ ही लोकल आईडी की पुरानी व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले वाहन चालकों को 350 रुपये का मासिक पास बनवाना होगा। जिन लोगों ने पहले से स्थानीय पास बनवा रखा है, उनका पास मान्य रहेगा।
वार्षिक पास की भी रहेगी सुविधा
सरकार की ओर से 3075 रुपये का वार्षिक पास भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें 200 ट्रिप शामिल हैं। यदि किसी वाहन चालक के पास मासिक और वार्षिक दोनों पास हैं तो पहले मासिक पास के तहत यात्रा दर्ज होगी और वार्षिक पास से राशि नहीं कटेगी। नए वाहन मालिक दस्तावेज जमा कराकर पास बनवा सकते हैं और पूरे महीने असीमित बार आवागमन कर सकेंगे।
फास्टैग के बिना मिलेगा नोटिस
टोल प्रबंधन के अनुसार जिन वाहनों में फास्टैग नहीं होगा, उनके मोबाइल नंबर पर टोल पार करने के बाद नोटिस भेजा जाएगा। वाहन चालक को 24 घंटे के भीतर टोल शुल्क जमा करना होगा। 72 घंटे तक भुगतान नहीं करने पर अतिरिक्त शुल्क लागू होगा और बाद में दोगुना टोल वसूला जा सकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति नंबर प्लेट छिपाकर या बदलकर टोल शुल्क से बचने की कोशिश करता है तो यह कानूनन अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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