
बेंगलुरु : राजस्थान स्थित नारायण सेवा संस्थान ने दिव्यांगों को निशुल्क मॉड्यूलर अंग वितरण करने के लिए रविवार को सिलिकॉन सिटी में एक और शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। संस्थान पिछले 39 वर्षों से दिव्यांगों को मॉड्यूलर अंग प्रदान करने की नेक सेवा कर रहा है। नारायण सेवा संस्थान के विनोद जैन, खूबी लाल मेनेरिया, कौशल पालीवाल और हेमंत मेघावाल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की। शिविर मराठा हॉस्टल मैदान में रविवार को आयोजित किया जाएगा।
जैन ने कहा,‘‘रविवार के शिविर में 250 से अधिक दिव्यांगों को लाभ होगा, जहां कृत्रिम अंग वितरित किए जाएंगे। विशेषज्ञ और अनुभवी डॉक्टर इस नेक अभ्यास में भाग लेंगे।’’ उन्होंने बताया कि एक अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस है और इसलिए शिविर में आने वाले वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा। जैन ने कहा कि 16 जुलाई के शिविर में लगभग 400 शारीरिक रूप से विकलांग लोगों ने हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा,‘‘उस समय हमने 270 से अधिक दिव्यांगों का माप प्राप्त किया था। 1 अक्टूबर के शिविर में हम प्लास्टिक के अंगों का उपयोग करके चलने का प्रशिक्षण देंगे।’’
उन्होंने कहा कि मॉड्यूलर कृत्रिम अंगों में जर्मन तकनीक है और इसलिए इसका वजन कम है और गुणवत्ता के हिसाब से बेहतर है। जैन ने कहा,‘‘अब तक, नारायण सेवा संस्थान ने 40,000 से अधिक शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को मुफ्त में कृत्रिम अंग प्रदान किए हैं।’’ उन्होंने कहा कि कर्नाटक में संस्थान द्वारा प्रदान की गई सेवा से 1000 से अधिक लोग लाभान्वित हुए। उन्होंने कहा,‘‘हम शिविरों में लाभार्थियों और उनके परिचारकों को मुफ्त भोजन और नाश्ता उपलब्ध करा रहे हैं।’’ जैन ने संगठन को मिले पुरस्कारों के बारे में बताते हुए कहा कि कैलाश मानव पद्मश्री पुरस्कार के प्राप्तकर्ता हैं, जबकि प्रशांत अग्रवाल को ‘शारीरिक रूप से विकलांगों के मित्र’ पुरस्कार से अलंकृत किया गया है। उन्होंने बताया,‘‘हम खेल-कूद का भी आयोजन कर रहे हैं, सिलाई प्रशिक्षण दे रहे हैं और संस्थान की ओर से सामूहिक विवाह भी आयोजित कर रहे हैं।’’
मेष: दिन शुभ रहेगा...