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जी20 विशेष जिम्मेदार एआई प्रशासन के लिए ढांचे की जरूरत : पीएम मोदी

September 10, 2023

जी20 विशेष जिम्मेदार एआई प्रशासन के लिए ढांचे की जरूरत : पीएम मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘वन फ्यूचर’ विषय पर जी20 शिखर सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि एक जिम्मेदार मानव-केंद्रित आर्टििफशियल इंटेलिजेंस शासन के लिए एक रूपरेखा की जरूरत है।इस संबंध में उन्होंने कहा, ‘और हमारा प्रयास होगा कि सामाजिक-आर्थकि विकास, वैश्विक कार्यबल के साथ-साथ अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में, आर्टििफशियल इंटेलिजेंस (एआई) का लाभ सभी देशों को उपलब्ध हो।‘

पीएम मोदी ने कहा, 2019 में जी20 ने एआई पर सिद्धांतों को अपनाया था, जिसे अब आगे ले जाने की जरूरत है।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘साथ ही, साइबर सुरक्षा पर एक रूपरेखा तैयार करने के लिए वैश्विक सहयोग की भी आवश्यकता है।‘उन्होंने कहा कि साइबर दुनिया के माध्यम से आतंकी फंडिंग के नए तरीके देखे जा रहे हैं, जिन्हें सभी देशों की भलाई के लिए रोकने की जरूरत है।मोदी ने कहा, ‘’एक भविष्य’ की भावना तभी मजबूत होगी, जब हम हर देश की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करेंगे।‘

‘आज की दुनिया में कई ज्वलंत मुद्दे हैं, जो सभी देशों के वर्तमान और भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं।‘इनमें से एक मुद्दा क्रिप्टो करेंसी का है, जो सामाजिक व्यवस्था, मौद्रिक और वित्तीय स्थिरता के लिए एक नया विषय बनकर उभरा है।प्रधान मंत्री ने कहा, ‘हमें क्रिप्टो मुद्राओं को विनियमित करने के लिए वैश्विक मानकों को विकसित करने की आवश्यकता है, और ऐसा करने के लिए हमारे सामने बैंकिंग नियमों पर बेसल मानकों का मॉडल है।‘मोदी ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पुनर्गठन की आवश्यकता दोहराई, उन्होंने कहा कि 200 देशों के संयुक्त राष्ट्र का हिस्सा होने के बावजूद, सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य इसके अस्तित्व के लगभग 80 वर्षों के बाद भी स्थिर बने हुए हैं।

मोदी ने कहा, ‘अगर कोई संगठन समय के साथ नहीं बदलता है, तो वह अपनी प्रासंगिकता खो देता है। हमें खुले दिमाग से सोचने की जरूरत है कि नए वैश्विक मंच क्यों उभरे हैं और सफल भी हैं।‘प्रधान मंत्री ने बहुपक्षीय विकास बैंकों (एमडीबी) के कार्यक्षेत्र के विस्तार का भी आ’’ान किया, जिसके लिए तत्काल और प्रभावी निर्णय लेने की आवश्यकता है। प्रधान मंत्री ने कहा, ‘तेजी से बदलती दुनिया में, निरंतरता के साथ-साथ स्थिरता की भी आवश्यकता है, इसलिए आइए हरित विकास समझौते, एसडीजी पर कार्य योजना, भ्रष्टाचार विरोधी उच्च स्तरीय सिद्धांतों, एमडीबी के सुधारों पर अपने वादों के साथ-साथ डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को पूरा करने का संकल्प लें। ‘‘

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