Last Updated: October 2, 2026

Dainik Savera Times Logo

Gig workers protest: पेट्रोल की कीमतें बढ़ने के बाद गिग वर्कर्स का बड़ा विरोध, ऐप बंद का किया ऐलान, जानें क्या है मांगे

May 16, 2026

Gig workers protest: पेट्रोल की कीमतें बढ़ने के बाद गिग वर्कर्स का बड़ा विरोध, ऐप बंद का किया ऐलान, जानें क्या है मांगे

Gig workers protest: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के खिलाफ अब देशभर के गिग और ऐप आधारित वर्कर्स में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गिग और प्लेटफॉर्म सेवा श्रमिक संघ (GIPSWU) ने सरकार और डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया है। यूनियन ने मांग की है कि ऐप आधारित डिलीवरी और ट्रांसपोर्ट वर्कर्स को कम से कम 20 रुपये प्रति किलोमीटर का भुगतान किया जाए। साथ ही शनिवार को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक देशभर में ऐप सेवाओं के अस्थायी बंद का आह्वान किया गया है।

यूनियन का कहना है कि 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी ने लाखों गिग वर्कर्स की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। GIPSWU के मुताबिक यह लगभग चार साल बाद ईंधन कीमतों में पहली बड़ी राष्ट्रीय स्तर की बढ़ोतरी है। यूनियन ने कहा कि देश में करीब 1.2 करोड़ गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स सीधे तौर पर इस फैसले से प्रभावित होंगे। इनमें फूड डिलीवरी, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और अन्य ऐप आधारित सेवाओं से जुड़े लोग शामिल हैं।

ये भी पढ़ें- नाइजीरिया में अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई, ISIS का बड़ा कमांडर अबू-बिलाल अल-मिनुकी मारा गया

कामगारों पर भारी आर्थिक दबाव
GIPSWU ने ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को जिम्मेदार बताया है। यूनियन की अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने के साथ-साथ एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में पहले हुई बढ़ोतरी ने भी कामगारों पर भारी आर्थिक दबाव डाला है।

20 रुपए प्रति किलोमीटर की मांग
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द भुगतान संरचना में बदलाव नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में गिग वर्कर्स इस क्षेत्र को छोड़ने पर मजबूर हो सकते हैं। सीमा सिंह ने सरकार और स्विगी, जोमैटो और ब्लिंकिट जैसी कंपनियों से मांग की कि डिलीवरी और ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के लिए न्यूनतम 20 रुपए प्रति किलोमीटर सेवा दर तय की जाए।

ये भी पढ़ें- जाको राखे साइयां मार सके न कोई… बोरवेल में गिरे मासूम को 9 घंटे बाद सुरक्षित निकाला गया

 

सेवाएं बंद रखने काआह्वान
उन्होंने कहा कि इन प्लेटफॉर्म्स से जुड़े कर्मचारी लंबे समय तक तेज गर्मी और खराब मौसम में मोटरसाइकिल और स्कूटर चलाकर काम करते हैं, इसलिए बढ़ती ईंधन कीमतों का सबसे ज्यादा असर इन्हीं पर पड़ रहा है। यूनियन ने देशभर के गिग वर्कर्स से अपील की है कि वे शनिवार को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक ऐप आधारित सेवाएं बंद रखकर इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लें।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें