
यमुनानगर। Girl scorched in cylinder fire भेड़थल में एलपीजी सिलेंडर से गैस ट्रांसफर करते समय आग लग गई। इस हादसे में दो माह की मासूम बच्ची सहित कुल 11 लोग झुलस गए। इनमें अधिकतर बच्चे शामिल हैं। सभी घायलों को गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। इस घर में प्रवासी मजदूर परिवार रहते थे। वहां 17 क्वार्टर बने थे और एक क्वार्टर में करीब 5 सदस्य रह रहे थे।
घायलों में एक गर्भवती की हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है। घटना के समय सुबह करीब 8 बजे महिलाएं बाहर खाना बना रही थीं और क्वार्टर के अंदर बड़े सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में गैस भरी जा रही थी। इसी दौरान गैस लीक होने से अचानक अचानक तेज धमाका हुआ, जिससे आग तेजी से पूरे कमरे में फैल गई। वहां मौजूद बच्चे और महिलाएं सभी इसकी चपेट में आ गए और चीख-पुकार मच गई।
धमाका इतना जोरदार था कि घर की दीवारें ढह गईं और लेंटर तक में दरारें आ गईं। आसपास के लोगों ने धमाके की आवाज सुनते ही मौके पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों को पहले सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया।
यह ब्लास्ट जिस कमरे में हुआ, वहां पहले से दो भरे हुए सिलेंडर भी रखे थे, गनीमत यह रही कि ये सिलेंडर आग लगने से बच गए। यदि वे भी फट जाते, तो नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था। बताया जा रहा है कि घटना से कुछ समय पहले ही घर में मौजूद अन्य लोग फैक्ट्री के लिए निकल गए थे, जिससे वे इस हादसे का शिकार होने से बच गए।
बिहार के मधुबनी निवासी रामशरण (43) और रामज्ञान (43) अपने परिवारों के साथ भेड़थल गांव में बने क्वार्टरों में रहते हैं और पास की प्लाई फैक्ट्रियों में काम करते हैं। गुरुवार सुबह करीब 8 बजे रामशरण के क्वार्टर में एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर से दूसरे सिलेंडर में गैस ट्रांसफर की जा रही थी। इसी दौरान सिलेंडर से गैस लीक होकर पूरे कमरे में फैल गई। दुर्भाग्यवश पास में चूल्हा जल रहा था, जिससे लीक हुई गैस ने आग पकड़ ली और देखते ही देखते आग ने भयानक रूप ले लिया।
आग लगते ही रामशरण जान बचाने के लिए बाहर भागा, लेकिन वह खुद भी झुलस गया। कुछ ही पलों में जोरदार धमाका हुआ, जिससे तीन क्वार्टरों के बीच की दो दीवारें गिर गईं और आसपास की दीवारों व लेंटर में दरारें आ गईं। धमाके के कारण तीनों क्वार्टरों में रहने वाले लोग आग और मलबे की चपेट में आ गए। आसपास के लोगों में भी अफरा-तफरी मच गई और सभी अपनी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे।
इस हादसे में कुल 11 लोग झुलस गए हैं, जिनमें 7 बच्चे, 2 पुरुष, एक महिला और एक युवती शामिल हैं। घायलों में रामशरण (43), रामज्ञान (43), रेणु (40), शांति (8), वैष्णवीं (10), सुहानी (5), पारो (2 माह), संगीता (18), नेहा (8), अंशु (7) और वियांशी (6)शामिल है। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत जगाधरी के उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।
थाना सदर जगाधरी के प्रभारी तरसेम सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हादसा गैस लीकेज के कारण हुआ। मौके से दो एलपीजी सिलेंडर बरामद किए गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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