Gold-Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों में आज बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे आभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों को राहत मिली है। घरेलू सर्राफा बाजार और कमोडिटी बाजार में कमजोर मांग और वैश्विक संकेतों के चलते दोनों कीमती धातुओं के भाव अपने हालिया उच्च स्तर से नीचे आ गए हैं।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निवेशकों की बिकवाली बढ़ने से सोने की कीमतों में हजारों रुपये की कमी आई है, जबकि चांदी के दामों में भी उल्लेखनीय नरमी देखने को मिली है।

सोने के ताजा भाव
आज 24 कैरेट सोना 10 ग्राम के लिए लगभग 1.43 लाख रुपये से 1.44 लाख रुपये के बीच कारोबार कर रहा है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत 1.30 लाख रुपये से अधिक बनी हुई है। 18 कैरेट गोल्ड के दाम भी पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में नीचे आए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद बाजार में मुनाफावसूली के कारण सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
चांदी में भी कमजोरी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट का सिलसिला जारी है। खुदरा बाजार में प्रति किलो चांदी के भाव में अच्छी-खासी कमी दर्ज की गई है। इससे औद्योगिक उपयोग और निवेश के लिए चांदी खरीदने वालों को कुछ राहत मिल सकती है।
क्यों टूटे सोने और चांदी के दाम?
वैश्विक स्तर पर हाल के घटनाक्रमों का असर कीमती धातुओं के बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेतों से निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों से हटकर अन्य परिसंपत्तियों की ओर बढ़ा है। आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव के समय सोने की मांग बढ़ती है, लेकिन हालात सामान्य होने पर इसकी चमक फीकी पड़ जाती है।
इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख के संकेत भी सोने और चांदी के लिए नकारात्मक माने जा रहे हैं। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना से निवेशक बॉन्ड और अन्य ब्याज आधारित निवेश साधनों की ओर आकर्षित होते हैं, जिससे कीमती धातुओं की मांग घट जाती है।
डॉलर की मजबूती का भी असर
अमेरिकी डॉलर में मजबूती भी सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का एक प्रमुख कारण मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत डॉलर में तय होती है। ऐसे में डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग प्रभावित होती है और कीमतों पर दबाव बढ़ता है।
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खरीदारी का अच्छा मौका?
विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा गिरावट उन लोगों के लिए अवसर साबित हो सकती है जो आगामी शादी-विवाह या निवेश के उद्देश्य से सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं। हालांकि निवेशकों को वैश्विक आर्थिक संकेतकों और बाजार की चाल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, डॉलर की दिशा और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम सोने-चांदी की कीमतों की अगली दिशा तय कर सकते हैं।