Last Updated: October 16, 2026

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खुशखबरी: त्योहारों से पहले सोने और चांदी के रेट में बदलाव, देखें Latest Update

September 16, 2025

खुशखबरी: त्योहारों से पहले सोने और चांदी के रेट में बदलाव, देखें Latest Update

नई दिल्ली: पिछले एक साल में निवेशकों के लिए सोना एक बार फिर ‘सेफ हेवन’ साबित हुआ है। जहां बीएसई सेंसेक्स ने मामूली गिरावट के साथ सिर्फ़ 1.2% का नुकसान दर्ज किया, वहीं सोने ने लगभग 50.1% का दमदार रिटर्न देकर निवेशकों को चौंका दिया है। यह सिर्फ़ पिछले वर्ष की बात नहीं है बीते तीन, पांच, दस और बीस सालों में भी सोना ने शेयर बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।

क्यों चमक रहा है सोना?

विशेषज्ञ मानते हैं कि सोने की कीमतों में यह तेज़ी वैश्विक सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी और मुद्रास्फीति से सुरक्षा की खोज के चलते आई है। लगभग 25% सोने की मांग अब भी सेंट्रल बैंकों से आ रही है, जो इसे अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड्स का विकल्प मान रहे हैं खासकर ऐसे समय में जब व्यापारिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ रही है। इसके अलावा, महंगाई से सुरक्षा, डॉलर की कमजोरी और ब्याज दरों में संभावित कटौती ने भी गोल्ड की चमक को और तेज किया है।

क्या अब भी सोने में निवेश फायदेमंद है?

हालांकि, मौजूदा तेजी को देखते हुए मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों में तेज उछाल की संभावना कम है। फिर भी, वे पोर्टफोलियो में 10-15% हिस्सेदारी गोल्ड में रखने की सलाह देते हैं।

चांदी भी पीछे नहीं

जहां सोना रिकॉर्ड $3,715.2 प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच गया है, वहीं चांदी ने भी $43 का स्तर पार कर लिया है जो पिछले 14 वर्षों में सबसे ऊंचा स्तर है।

क्या अब इक्विटी है बेहतर विकल्प?

हालिया विश्लेषण के अनुसार, गोल्ड बनाम सेंसेक्स रेशियो फिलहाल 0.76 पर है, जो इसके लॉन्ग-टर्म औसत 0.96 से काफी नीचे है। यह संकेत देता है कि शेयर बाजार इस समय अंडरवैल्यूड हो सकता है। इतिहास बताता है कि जब यह रेशियो 0.8 से नीचे पहुंचा है, तो उसके बाद अगले तीन वर्षों में सेंसेक्स ने औसतन 25.12% का रिटर्न दिया है, जबकि गोल्ड का प्रदर्शन 7.21% पर सिमट गया।

निवेशक क्या करें?

गोल्ड में लंबी अवधि के लिए निवेश करना समझदारी है, लेकिन फिलहाल इसमें नई बड़ी खरीदारी से बचें। इक्विटी मार्केट में गिरावट के मौके पर धीरे-धीरे निवेश बढ़ाना फायदेमंद हो सकता है। पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन जरूरी है यानी सोना, इक्विटी, डेट फंड्स सभी को संतुलित मात्रा में रखें।

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