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VB G RAM G विधेयक क्या बदलेगा, ग्रामीण रोजगार कानून में ऐतिहासिक मोड़

Rural employment new bill

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नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्र सरकार ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़े बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाने जा रही है। सरकार लोकसभा में एक अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है, जिसके तहत मौजूदा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को नए स्वरूप में लागू किया जा सकता है।

प्रस्तावित कानून का नाम ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ रखा गया है। सरकार इसे संक्षेप में VB G RAM G के रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी में है। विधेयक को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने 15 से 19 दिसंबर तक लोकसभा की कार्यवाही के दौरान अपने सभी सांसदों को सदन में मौजूद रहने के निर्देश जारी किए हैं।

मनरेगा की जगह नया ढांचा

सरकारी सूत्रों के अनुसार, नए कानून का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ आजीविका के अवसरों को भी व्यापक बनाना है। मनरेगा के तहत वर्तमान में ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन का रोजगार देने की गारंटी है। नए प्रस्ताव में इस सीमा को बढ़ाकर 125 दिन करने का प्रावधान शामिल किया गया है।

विकसित भारत 2047 से जुड़ा मिशन

सरकार का कहना है कि यह पहल विकसित भारत 2047 के दीर्घकालिक विजन के अनुरूप है। पिछले करीब दो दशकों में मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण योजना रही है। अब सरकार इसे नए मिशन मॉडल के जरिए अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

संसद में होगी विस्तृत चर्चा

हालांकि, विधेयक के अंतिम प्रावधान संसद में चर्चा और बहस के बाद ही स्पष्ट होंगे। विपक्ष की प्रतिक्रिया और संशोधन प्रस्तावों पर भी सभी की नजर बनी हुई है। अगर यह कानून पारित होता है, तो ग्रामीण रोजगार नीति में यह अब तक का सबसे बड़ा बदलाव माना जाएगा।

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