Last Updated: October 25, 2026

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दिवाली से पहले सैंपलिंग तेज, 108 में से 14 सैंपल फेल

October 25, 2026

दिवाली से पहले सैंपलिंग तेज, 108 में से 14 सैंपल फेल

14 Food Samples Fail in Karnal : करनाल। दिवाली और छठ पूजा से पहले करनाल में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच तेज कर दी है। विभाग की ओर से इस साल 1 अप्रैल से अब तक कुल 108 सैंपल लिए जा चुके हैं।

इनमें से 14 सैंपल की जांच रिपोर्ट फेल आई है। इन मामलों में तीन-चार दुकानदारों पर जुर्माना लगाया जा चुका है और कुछ मामलों में अदालत में केस चल रहा है, जबकि बाकी संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। पिछले साल 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक विभाग ने कुल 113 सैंपल लिए थे, जिनमें से 25 सैंपल फेल पाए गए थे। फूड सेफ्टी ऑफिसर कपिला सैनी के अनुसार, अक्टूबर महीने में अब तक करीब 35 से 40 सैंपल लिए जा चुके हैं। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के कारण विभाग की टीमें बाजारों में लगातार निरीक्षण कर रही हैं।

विशेष रूप से उन दुकानों पर नजर रखी जा रही है, जहां बड़े स्तर पर मिठाइयां तैयार की जाती हैं और उनकी बिक्री होती है। विभाग की टीमों ने मिठाइयों की गुणवत्ता जांचने के लिए बेसन की बर्फी, डोडा बर्फी, विभिन्न प्रकार के लड्डू और रसगुल्लों के सैंपल लिए हैं। करनाल के माल रोड, मासी चौक और कुंजपुरा रोड सहित प्रमुख बाजारों में औचक निरीक्षण किए गए। इस दौरान एक्सप्रेस, नंद स्वीट्स, बीकानेर और श्रीनाथ मिठाई भंडार सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों से भी नमूने एकत्र किए गए।

14 दिन में आती है जांच रिपोर्ट

फूड सेफ्टी ऑफिसर कविता सैनी के अनुसार, सामान्य तौर पर खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच रिपोर्ट आने में करीब 14 दिन लगते हैं। रिपोर्ट में खामियां मिलने पर नियमानुसार संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। विभाग का प्रयास है कि त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई हो। विभाग की ओर से मिठाई विक्रेताओं को मिठाइयों के निर्माण की तारीख और इस्तेमाल की अंतिम अवधि की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, जांच में खाद्य पदार्थ मिलावटी या असुरक्षित पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। मामलों की गंभीरता के अनुसार जुर्माना, न्यायालय में मुकदमा और लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई भी संभव है। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे मिठाइयां खरीदते समय उनकी ताजगी और गुणवत्ता का ध्यान रखें तथा मिलावट का संदेह होने पर विभाग को सूचना दें।

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