हरियाणा डेस्क: पानीपत के गांव मोहना निवासी 17 वर्षीय युवराज की अमेरिका में हत्या के बाद गुरुवार को गांव में उसकी अंतिम अरदास रखी गई। पूरे गांव में शोक की लहर थी और हर किसी की आंखें नम थीं। युवराज की मां सर्वजीत कौर का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार कह रही थीं कि मैं अपने लाल को आखिरी बार देख भी नहीं पाई, उसका संस्कार भी न कर सकी।
परिवार को जब यह पता चला कि युवराज का शव वहीं अमेरिका में ही दफना दिया गया, तो उनका दर्द और बढ़ गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि जिन एजेंटों ने युवराज को विदेश भेजा था। वे अब जेल से जमानत की कोशिश कर रहे हैं। परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें कड़ी सजा दी जाए ताकि कोई और परिवार ऐसी त्रासदी का शिकार न बने।
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एजेंट देता रहा झूठी उम्मीदें
परिवार का कहना है कि युवराज को भेजने वाले एजेंट एक साल तक उन्हें झूठा दिलासा देते रहे। एजेंट लगातार कहते रहे कि युवराज सुरक्षित है और जल्द लौट आएगा। परिवार इसी भरोसे में इंतजार करता रहा। बाद में जब उन्होंने निजी स्तर पर जांच करवाई, तो सच्चाई सामने आई। युवराज की 4 मार्च 2025 को हत्या कर दी गई थी। इसके साथ उसकी मारपीट का वीडियो भी सामने आया।
41 लाख रुपये में हुआ था सौदा
पिता कुलदीप सिंह ने पुलिस को बताया कि एजेंटों ने युवराज को अमेरिका भेजने के लिए 41 लाख रुपये का सौदा किया था। सितंबर 2024 में एजेंटों ने पासपोर्ट लिया और 13 अक्टूबर को युवराज को भारत से रवाना कर दिया। 17 अक्टूबर को टिकट के बहाने 16 लाख रुपये और वसूले गए।
एजेंट बीच-बीच में युवराज से कॉल करवाते रहे ताकि परिवार को भरोसा बना रहे कि सब ठीक है।
बेटे की जिद के आगे झुका परिवार
कुलदीप सिंह ने बताया कि परिवार आर्थिक रूप से ठीक था और वह बेटे को विदेश नहीं भेजना चाहता था। लेकिन युवराज अपने दोस्तों की सोशल मीडिया पोस्ट देखकर अमेरिका जाने की जिद पर अड़ा रहा। आख़िरकार परिवार उसकी बात मान गया। एजेंट ने भरोसा दिलाया कि पैसे अमेरिका पहुंचने के बाद लिए जाएंगे, लेकिन उसने युवराज को ग़लत रास्ते (डंकी रूट) से भेज दिया। यही रास्ता उसके लिए जानलेवा साबित हुआ।
एजेंट की धोखाधड़ी बनी मौत का कारण
परिवार ने बताया कि दिसंबर में उन्हें किडनैपरों का कॉल आया था। उन्होंने कहा कि 20 हजार डॉलर दो, तो बेटे को छोड़ देंगे। एजेंट ने परिवार से पैसे लिए, लेकिन किडनैपरों तक नहीं पहुंचाए। नतीजा यह हुआ कि किडनैपरों ने युवराज को यातनाएं दीं और गोली मार दी।
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मां-बाप और बहन का बुरा हाल
युवराज की मौत की खबर सुनकर घर में कोहराम मच गया। मां सर्वजीत कौर और 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली बहन लगातार रो रही हैं। मां हर वक्त बेटे की तस्वीर को देखकर कहती हैं कि हे भगवान, मेरी कोख क्यों सूनी कर दी।
परिवार की अपील
पिता कुलदीप सिंह और चाचा कुलवंत सिंह ने लोगों से भावुक अपील की है कि कोई भी अपने बच्चों को डंकी रूट से विदेश न भेजे। यह रास्ता मौत की ओर ले जाता है। एजेंटों पर भरोसा करना सबसे बड़ी गलती है।