चंडीगढ़ : हरियाणा के आरोही मॉडल स्कूलों के 285 कर्मचारियों के नियमितीकरण और चार माह से वेतन नहीं मिला। वर्षों से लंबित नियमितीकरण और अब वेतन भुगतान में हो रही देरी ने कर्मचारियों को भारी तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
यह स्थिति न केवल कर्मचारियों के जीवन को प्रभावित कर रही है बल्कि इन स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। आरोही मॉडल स्कूल स्टाफ एसोसिएशन के राज्य प्रधान मनोज कुमार ने बताया कि दरअसल, आरोही मॉडल स्कूलों की स्थापना 2011 में हरियाणा में प्रमुख संस्थानों के रूप में की गई थी।
जिनके लिए वित्त विभाग द्वारा 2232 पद स्वीकृत किए गए थे। इन स्कूलों में नियुक्त कर्मचारियों को 05 वर्षों की संतोषजनक सेवा के बाद नियमितीकरण और नियमित कर्मचारियों के समान वेतनमान व भत्ते दिए जाने का आश्वासन दिया गया था। अब वर्तमान में हालात यहहैं कि सात वर्षों से अधिक की देरी ने कर्मचारियों को भारी मानसिक तनाव में डाल दिया है।
नियमितीकरण और वेतन में देरी के कारण कई कर्मचारियों ने इस्तीफा दे दिया है। जिससे महत्वपूर्ण पद रिक्त हो गए हैं। इसका सीधा असर स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है। ऐसे में एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से निवेदन किया है कि इस मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करें।

