फरीदाबाद। हरियाणा के धौज गांव स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी दिल्ली रेड फोर्ट ब्लास्ट और “व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल” मामले में जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गई है। पुलिस ने विश्वविद्यालय से जुड़े तीन डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है, जिन पर पाकिस्तान समर्थित हैंडलर्स के इशारे पर काम करने का आरोप है।
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जानकारी के अनुसार, पुलवामा निवासी डॉक्टर मोहम्मद उमर नबी, जो अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था, उस कार में मौजूद था जिसमें सोमवार शाम रेड फोर्ट के पास जोरदार विस्फोट हुआ। इस हादसे में 12 लोगों की मौत और कई घायल हुए।
गिरफ्तार आरोपियों में डॉ. मुजम्मिल गनई सहित विश्वविद्यालय से जुड़े अन्य शिक्षक भी शामिल हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि यूनिवर्सिटी का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए “सुरक्षित ठिकाने” के रूप में किया जा रहा था।
मंगलवार को पुलिस ने कैंपस में सर्च अभियान चलाया और कई कर्मचारियों से पूछताछ की। फिलहाल एजेंसियां विश्वविद्यालय से जुड़े सभी संपर्कों और फंडिंग की जांच कर रही हैं।

