राजस्थान बॉर्डर से कुछ दुरी पर स्थित सिरसा जिला के गांव जोड़किया के किसान भगत सिंह हुड्डा और उनके बेटे दिनेश हुड्डा ने सितम्बर 2021 में तीन एकड़ ज़मीन में हिसार सफेदा किस्म के अमरुद का बाग़ लगाया। इन्होने अपने खेत में 3 एकड़ ज़मीन में अमरुद के 520 पौधे लगाए,22 महीने बीत जाने के बाद किसान को आमदनी शुरू हो गई,इससे ये किसान अब लाखो रुपये कमा रहा है। आपको बता दे की इस किसान ने रेतीली ज़मीन में बाग लगाया,जो अपने आप में आश्चर्य करने वाली बात है।
बागवान दिनेश हुड्डा ने बताया की नाथूसरी चोपटा के रहने वाले भूप स्वामी जो बागवानी विभाग में कार्यरत है,उन्होंने प्रेरणा मिली,जिसका अब हमें फायदा हुआ.उन्होंने कहा हमने सोचा जब अधिकतर किसान बागवानी कर रहे है तो हमने भी ऐसा रिस्क लिया जिसका हमें फायदा हुआ.उन्होंने कहा की मार्किट में 50 से 55 रुपये प्रति किलो के हिसाब से थोक में बिक जाता है,किसान दिनेश बताते है। सरकार ने सब्सिडी दी जिसके बाद खेत में पानी की डिग्गी तैयार करवाई इसमें पानी स्टोर करते है,ड्रिप इरिगेशन के माध्यम से पोधो में पानी डाल देते है.उन्होंने कहा की अगर सही तरीके से बागवानी का काम किया जाये तो फायदा होता है. दिनेश बताते है की अभी हमने 3 एकड़ में बाग़ लगाया है,अब हम इसको बढ़ा 5-6 एकड़ में लगाएंगे। उन्होंने कहा की हर किसानो को बागवानी करनी चाहिए।
वही किसान भूपेंद्र पन्नी वालिया और रामजी लाल ने बताया कि बागवानी की खेती करने से किसानों को काफी मुनाफा होता है उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती के मुकाबले बागवानी खेती काफी फायदेमंद है ऐसे में किसानों को ज्यादा से ज्यादा बागवानी खेती के प्रति रुचि दिखानी चाहिए। वही प्रगतिशील किसान गुरजीत सिंह मान और प्रभु दयाल ने बताया कि वे शुरू से ही परंपरागत खेती को तवज्जो दे रहे हैं लेकिन उनके साथी किसानों ने उन्हें भी बागवानी खेती करने का मशवरा दिया है जिसे वह जल्द ही बाग़वानी खेती करेंगे। उन्होंने कहा कि बागवानी की खेती करने वाले किसानों ने बागवानी खेती के कई फायदे उनके साथ साझा किए हैं जिसके बाद वे जल्द ही बागवानी खेती करेंगे।
वहीं जिला बागवानी अधिकारी डॉ पुष्पेंद्र ने बताया कि हरियाणा सरकार और बागवानी विभाग किसानों को बागवानी खेती के प्रति जोड़ने के लिए प्रेरित करती रहती है जिसके लिए बार-बार जागरूक कैंप भी लगाए जाते हैं उन्होंने कहा कि सिरसा जिला में भी काफी संख्या में किसान अब बागवानी खेती की ओर बढ़ते जा रहे हैं जिससे उनको फायदा भी मिल रहा है उन्होंने कहा कि सरकार और बागवानी विभाग बागवानी खेती करने वाले किसानों को अनेक प्रकार की सब्सिडी भी देती है जिससे किसान खुशहाल हो रहा है उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती के मुकाबले बागवानी खेती में किसानों को काफी फायदा मिलता है। जिला बागवानी अधिकारी डॉ पुष्पेंद्र का कहना है कि बागवानी की खेती करने से न सिर्फ पानी की बचत होती है बल्कि बागवानी खेती करने में किसानों की मेहनत भी कम लगती है।

