
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गांव पहरावर में गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा को शिक्षण संस्थान कैम्पस-3 के निर्माण के लिए राज्य सरकार की ओर से समान अनुदान देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार इन संस्थाओं के लिए सोसायटी द्वारा एकत्रित की गई राशि से अधिक अनुदान देगी। इसके अलावा, राज्य के एक प्रमुख पार्क का नाम भगवान परशुराम के नाम पर रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर रोहतक जिले के गांव पहरावर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में यह घोषणाएं कीं। इस अवसर पर उन्होंने 51 लाख रुपये की राशि देने की भी घोषणा की।
उन्होंने आगे कहा कि प्रस्तुत अन्य मांगों को व्यवहार्यता मूल्यांकन के लिए संबंधित विभागों को भेजा जाएगा तथा उन्हें प्राथमिकता देने तथा पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने 61.23 करोड़ रुपये की लागत की कुल नौ परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें 54.26 करोड़ रुपये की लागत की पांच परियोजनाओं का शिलान्यास और 6.97 करोड़ रुपये की लागत की चार परियोजनाओं का उद्घाटन शामिल है।
नायब सिंह सैनी ने भगवान परशुराम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ सिख गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस और अरूट महाराज की जयंती को याद करते हुए कहा कि इन सभी महान विभूतियों ने अपना पूरा जीवन धर्म, सामाजिक एकता, सद्भाव और संस्कृति की स्थापना के लिए समर्पित कर दिया। उनकी जीवन यात्रा हमें धर्म के मार्ग पर चलने और मानवता की सेवा करने के लिए प्रेरित करती रहती है।
भगवान परशुराम को एक पराक्रमी योद्धा, वेदों के विद्वान और महान समाज सुधारक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्राह्मण होते हुए भी उन्होंने अन्याय और अधर्म को मिटाने के लिए शस्त्र उठाए। भगवान परशुराम जी का जीवन हमें सिखाता है कि ज्ञान और शक्ति का संतुलन ही समाज को सही दिशा में ले जा सकता है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा हमेशा से वीरता, ज्ञान और समृद्ध परंपराओं की भूमि रही है। भगवान परशुराम ने कहा था कि धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाना भी तपस्या का ही एक रूप है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जैसे-जैसे हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और विकसित हरियाणा के निर्माण के विजन के साथ आगे बढ़ रहे हैं, भगवान परशुराम के आदर्श और संदेश हमें सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे हम विकसित भारत, डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे महत्वाकांक्षी अभियानों को आगे बढ़ा रहे हैं, हम सभी को भगवान परशुराम के संकल्प से प्रेरित होकर दृढ़ प्रतिज्ञा लेकर भारत को एक बार फिर वैश्विक नेता बनाने में योगदान देना चाहिए।