
फरीदाबाद में व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल की जांच नए मोड़ पर पहुंच गई है। तीन मुख्य आरोपियों—उमर, मुअज़्ज़मिल और शहीन—के कॉल रिकॉर्ड और ऑनलाइन लेन-देन की समीक्षा में करीब 200 लोगों के संपर्क सामने आए हैं, जिनमें मदरसों के इमाम, स्थानीय दुकानदार, डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक और अल-फलाह यूनिवर्सिटी के वर्तमान व पूर्व छात्र शामिल हैं।
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सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने बीते महीनों में अलग-अलग लोगों को ऑनलाइन भुगतान कर नेटवर्क मजबूत करने की कोशिश की। छात्र बताते हैं कि आरोपी कश्मीर से आए कई छात्रों को रहने-खाने में मदद करते थे और जरूरत पड़ने पर स्थानीय लोगों को आर्थिक सहायता भी भेजते थे। अब हर कॉल, चैट और ट्रांजेक्शन जांच के दायरे में है।
जांच का सबसे बड़ा नया नाम धौज गांव के एक स्थानीय डॉक्टर का है। ताजा सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद डॉक्टर को हिरासत में लिया गया है। फुटेज में उमर दो मोबाइल और एक बैकपैक के साथ क्लिनिक में प्रवेश करता, फोन चार्ज करता और डॉक्टर से करीब 20 मिनट बात करता दिखाई देता है। डॉक्टर के बाहर जाने के बाद भी वह अंदर ही रुका रहा।
एजेंसियों को शक है कि क्लिनिक संवाद और समन्वय का गुप्त ठिकाना था, क्योंकि अंदर CCTV कवरेज नहीं था। क्लिनिक का कंप्यूटर और डॉक्टर का फोन जब्त कर फॉरेंसिक जांच को भेजा गया है। अब तक कुल छह लोग पकड़े जा चुके हैं, जिनमें तीन डॉक्टर, एक मौलवी, एक व्यापारी और एक संदिग्ध हवाला कड़ी शामिल है। एजेंसियां जांच कर रही हैं कि शिक्षित पेशेवर इस मॉड्यूल से कैसे जुड़े।
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