यमुनानगर : 5वीं कक्षा के एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि पढ़ाई को लेकर वह पिछले तीन -चार दिनों से स्कूल नहीं जा रहा था। घटना के समय घर में वह अकेला था। मां जब दवाई लेकर घर लौटी, तो ऊपर के कमरे में छात्र फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर आसपास के लोग और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल यमुनानगर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बाद में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस परिजनों के बयान के आधार पर आगामी कार्रवाई कर रही है। मृतक की पहचान 13 वर्षीय निखिल पुत्र मैनेजर शर्मा निवासी गांधी नगर के रूप में हुई है। मृतक के बड़े भाई विकास ने बताया कि उनके परिवार में चार भाई-बहन हैं। पिता वैल्डिंग का काम करते हैं। निखिल सबसे छोटा भाई था और हाई स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ता था। वह पिछले तीन-चार दिनों से स्कूल नहीं जा रहा था। पिता काम पर चले गए थे, जबकि बाकी भाई-बहन स्कूल गए हुए थे।
मां सुषमा देवी की तबीयत खराब होने के कारण वह दवाई लेने अस्पताल चली गईं। इस दौरान निखिल घर पर अकेला था। दोपहर करीब एक बजे जब मां घर लौटी तो निखिल नीचे नहीं मिला। उन्होंने घर और आसपास उसकी तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चला। इसके बाद मां ऊपर बने कमरे में गईं, जहां निखिल फंदे से लटका हुआ मिला। उसने टीन शेड में लगी हुक से मां के प्लाजो का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली थी। बेटे को इस हालत में देखकर मां ने शोर मचाया, जिसके बाद पड़ोसी मौके पर पहुंचे।
मामले की सूचना तुरंत गांधी नगर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर सिविल अस्पताल पहुंचाया। विकास ने बताया कि घर में भी ऐसा कुछ नहीं हुआ था, जिससे वह इतना बड़ा कदम उठा ले। मामले के जांच अधिकारी नवतेज सिंह ने बताया कि घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम को बुलाकर जांच कराई गई। पुलिस को दिए बयान में मां सुषमा देवी ने बताया कि निखिल पढ़ाई में कमजोर था। उसकीम मांग उसे घर पर अकेला छोडक़र दवाई लेने गई थी। वापस लौटने पर निखिल फंदे से लटका मिला। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।