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Haryana News : हरियाणा बोर्ड में फेरबदल : अब 80 अंकों की होगी 10वीं में विज्ञान की परीक्षा

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भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने शिक्षा व्यवस्था में एक सुधार करने जा रहा है। बोर्ड की ओर से जारी नए निर्देशों के अनुसार अब नौवीं और 10वीं के विज्ञान विषय का पैटर्न बदल गया है।

आंतरिक मूल्यांकन से मिलेगी राहत

अब तक विज्ञान विषय में छात्रों को प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन के जरिये राहत मिलेगी, लेकिन अब बोर्ड ने लिखित परीक्षा के महत्व को बढ़ा दिया है। नए सत्र 2026-27 से छात्रों को 80 अंकों का लिखित पेपर देना होगा। इससे पहले यह पेपर कम अंकों का होता था और प्रैक्टिकल का हिस्सा काफी बड़ा था। शिक्षा विशेषज्ञों की मानें तो बोर्ड का यह फैसला एक लंबे समय से अपेक्षित बदलाव था।

पहले अलग थी विज्ञान में अंक वितरण प्रणाली

पहले विज्ञान विषय का अंक वितरण अन्य मुख्य विषयों जैसे हिंदी, अंग्रेजी और गणित से अलग था, जिसके चलते अक्सर छात्रों के कुल प्रतिशत में असंतुलन देखने को मिलता था। अब विज्ञान को भी 80 (थ्योरी) + 10 (प्रैक्टिकल) + 10 (इंटरनल) के फॉर्मूले पर ले आया गया है। इस बदलाव का सीधा असर प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं पर पड़ेगा, जिन्हें अब साल भर अपनी किताबों और कक्षा की पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देना होगा।

नियमों में लचीलापन अभी बरकरार

बोर्ड के इस निर्णय के पीछे एक स्पष्ट सोच यह भी है कि विद्यार्थी केवल प्रैक्टिकल के अंकों के सहारे पास होने की जुगत न भिड़ाएं। आंतरिक मूल्यांकन और प्रयोगात्मक परीक्षा को 10-10 अंकों तक सीमित करने का मतलब है कि अब छात्र की वास्तविक योग्यता का आकलन बोर्ड की मुख्य परीक्षा के माध्यम से होगा। हालांकि, पास होने के नियमों में बोर्ड ने लचीलापन बरकरार रखा है। छात्रों को पास घोषित होने के लिए लिखित परीक्षा, प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन के कुल योग का 33 प्रतिशत हासिल करना होगा।

बदली प्रणाली के अनुसार तैयार हों सभी

बोर्ड ने इस बदलाव के साथ ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर संशोधित पाठ्यक्रम और प्रश्न पत्र का नया डिजाइन भी अपलोड कर दिया है। स्कूल प्रभारियों और शिक्षकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे नए सत्र की शुरुआत से ही विद्यार्थियों को इस बदली हुई प्रणाली के अनुसार तैयार करें। चरखी दादरी सहित पूरे प्रदेश के शिक्षा अधिकारियों ने स्कूलों को इस संबंध में जागरूक करना शुरू कर दिया है। अब देखना यह होगा कि इस बदलाव के बाद आगामी बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों पर क्या असर पड़ता है।

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