हरियाणा डेस्क : हरियाणा सरकार किसानों को भरोसेमंद और निरंतर बिजली उपलब्ध कराने के लिए हरियाणा एग्री डिस्काम नाम से तीसरी ऊर्जा वितरण कंपनी स्थापित करेगी। इसके साथ ही सरकार हरित हाइड्रोजन नीति भी लागू करने जा रही है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ऊर्जा क्षेत्र का बजट 6,868 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 7.66 प्रतिशत अधिक है।
हरियाणा एग्री डिस्काम की योजना
नई कंपनी राज्य के 5,084 कृषि फीडरों और 7.12 लाख कृषि उपभोक्ताओं को सेवाएं प्रदान करेगी। इसका उद्देश्य नए ट्यूबवेल कनेक्शन तेज़ी से जारी करना, पुराने ट्रांसफार्मरों को बदलना और किसानों के खेतों तक निरंतर बिजली सुनिश्चित करना है। वर्तमान में उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम कुल 14,391 फीडरों से घरेलू, वाणिज्यिक, कृषि और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराते हैं।
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स्वच्छ ऊर्जा और सौर पहल
प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत 35,000 नए सौर पंप लगाए जाएंगे। किसान अपने ट्यूबवेल पर सौर पैनल लगाकर अतिरिक्त बिजली निगम को बेच सकेंगे। कुल 13 जिलों में 200 मेगावॉट क्षमता की पराली आधारित बायोमास परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी।
पानीपत में पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट
प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पानीपत में पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य 2030 तक 250 किलो टन प्रति वर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन और 2 गीगावॉट इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण क्षमता विकसित करना है।
घरों में सौर ऊर्जा का विस्तार
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 2.2 लाख घरों की छतों पर सौर पैनल लगाए जाएंगे। गैर बकायेदार उपभोक्ताओं और अंत्योदय परिवारों को ब्याज मुक्त सहायता भी दी जाएगी। इसके अलावा, शेष 68 लाख उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
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