चंडीगढ़ : हरियाणा पुलिस भविष्य की बदलती तकनीकी जरूरतों को समझते हुए न्याय प्रणाली में अभूतपूर्व बदलाव ला रही है। पंचकूला में पुलिस मुख्यालय में आयोजित 53वीं उच्च स्तरीय स्टेट एम्पॉवर्ड कमेटी की बैठक में डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने राज्यभर में लागू की जा रही कई महत्वपूर्ण तकनीकी प्रणालियों का व्यापक मूल्यांकन किया। बैठक इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस)-सीसीटीएनएस, नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (एनएएफआईएस) और मापन संग्रह इकाइयों (एमसीयू) की स्थापना की प्रगति जैसे मुख्य मुद्दे पर रही। वहीं डीजीपी हरियाणा ने लगातार तीसरी बार अखिल भारतीय स्तर पर जारी नवीनतम (सीसीटीएनएस) प्रगति रैंकिंग में प्रथम स्थान आने पर अधिकारियों व कर्मचारियों की प्रशंसा की।
सीसीटीएनएस रैंकिंग में हरियाणा लगातार तीन महीने से देशभर में प्रथम : राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के निदेशक एडीजीपी ओपी सिंह ने बैठक में उपस्थित डीजीपी कपूर और अन्य अधिकारियों को इन क्षेत्रों में हरियाणा की महत्वपूर्ण प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा प्रति माह प्रगति डैशबोर्ड की रैंकिंग जारी की जाती है। उक्त रैंकिंग में हरियाणा प्रदेश आईसीजेएससीसीटीएनएस परियोजनाओं को लागू करने व तकनीकी तौर पर विभिन्न मापदंडों में भी सबसे आगे बना हुआ है। इस अवसर पर डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत नागरिक केंद्रित सेवाएं प्रदान करने में हरियाणा पुलिस द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और नवीनतम सीसीटीएनएस प्रगति रैंकिंग में लगातार तीसरे महीने शीर्ष स्थान हासिल करने पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी।
विदित है कि सीसीटीएनएस डैशबोर्ड राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा विभिन्न मापदंडों पर अपराध रिपोर्ट पेश करता है। मार्च 2022 से अब तक नेफिस सिस्टम पर एक करोड़ से अधिक रहे सर्च : राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (नेफिस) विकसित किया गया है। जिसकी मदद से अपराधियों को जल्द पकड़ने और आपराधिक मामलों को सुलझाने में मदद मिल रही है। नेफिस के सफल कार्यान्वन की जिम्मेदारी प्रदेश में स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो पर है। इसकी मदद से गिरफ्तार आरोपियों और दोषियों के फिंगर प्रिंट सेंट्रल सर्वर पर अपलोड किए जाते हैं। इस काम के लिए कार्यस्थलों पर 130 से अधिक प्रशिक्षित पुलिसकर्मी तैनात हैं।
पिछले वर्ष मार्च 2022 से इस वर्ष अगस्त तक तकरीबन एक करोड़ से अधिक सर्च किए गए है। इस वर्ष नेफिस सिस्टम द्वारा 33867 फिंगरप्रिंट डाटा का दस्तावेजीकरण किया गया है। वहीं 8711 से अधिक फिंगरप्रिंट का सफलतापूर्वक मिलान किया है। नेफिस की सहायता से प्रदेश पुलिस ने इस वर्ष 11 लावारिस मृत शरीर की पहचान उजागर करने में सफलता हासिल की है। डीजीपी कपूर ने प्रदेश में नेफिस और सीसीटीएनएस के प्रभावी क्रियान्वयन करने के लिए राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की सराहना की। डीजीपी कपूर ने अत्याधुनिक आईटी तकनीकों का लाभ उठाने के लिए हरियाणा पुलिस की तैयारियों पर जोर दिया और नेफिस व सीसीटीएनएस के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हारट्रॉन, एनसीआरबी, एचपीई और जिलों के सभी पुलिस अधीक्षकों को बेहतर सामंजस्य स्थापित करते हुए कार्य करने के दिशा निर्देश दिए।

