Last Updated: October 10, 2026

Dainik Savera Times Logo

गर्भावस्था में सेवा समाप्ति गलत : टीजीटी शिक्षिका की बहाली का आदेश

July 9, 2026

गर्भावस्था में सेवा समाप्ति गलत : टीजीटी शिक्षिका की बहाली का आदेश

High Court Order for reinstatement of TGT teacher : चंडीगढ़। गर्भावस्था के दौरान चिकित्सकीय जटिलताओं के चलते मेडिकल अवकाश मांगने वाली एक संविदा टीजीटी (साइंस) शिक्षिका की सेवा समाप्त करना हरियाणा सरकार को भारी पड़ गया। पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने इस कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे प्रथम दृष्टया अनुचित माना और शिक्षिका को अंतरिम राहत देते हुए चार सप्ताह के भीतर नया नियुक्ति पत्र जारी करने तथा दो सप्ताह के अंदर कार्यभार ग्रहण कराने के आदेश दिए।

हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार से मांगा जवाब

हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी 2027 को होगी। याचिकाकर्ता की नियुक्ति 16 मार्च 2024 को हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से हुई थी। उन्हें सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चांदपुर में टीजीटी (साइंस) के रूप में नियुक्त किया गया था। गर्भावस्था के दौरान गंभीर चिकित्सकीय जटिलताएं आने पर डॉक्टरों ने उन्हें नौ माह तक पूर्ण बेड रेस्ट की सलाह दी थी। उन्होंने 9 अक्तूबर 2025 को मेडिकल अवकाश मांगा था। हालांकि, अवकाश पर निर्णय लेने के बजाय 16 मार्च 2026 को उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं।

अनुपस्थिति का वेतन नहीं चाहती थी शिक्षिका

याचिका में बताया गया कि 15 अप्रैल 2026 को उन्होंने बच्चे को जन्म दिया था। इससे स्पष्ट है कि मेडिकल अवकाश वास्तविक चिकित्सकीय कारणों से मांगा गया था। शिक्षिका ने अदालत को बताया कि वह अनुपस्थिति अवधि का वेतन नहीं चाहती हैं। वह अब पूरी तरह स्वस्थ होकर दोबारा कार्य करने को तैयार हैं। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड से यह प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता ने मजबूरी में चिकित्सकीय आधार पर अवकाश मांगा था।अदालत ने यह भी कहा कि उसी पद पर कार्यरत अन्य संविदा शिक्षकों की सेवाएं बढ़ा दी गईं। इसके बावजूद केवल मेडिकल अवकाश मांगने वाली शिक्षिका की सेवा समाप्त करना उचित नहीं दिखता।

Also Read :

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें