Last Updated: October 7, 2026

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हवालात में मौत, शरीर पर 23 चोटें: संजय कांटीवाल केस ने पुलिस पर खड़े किए सवाल

December 22, 2025

हवालात में मौत, शरीर पर 23 चोटें: संजय कांटीवाल केस ने पुलिस पर खड़े किए सवाल

हिसार। मंगाली पुलिस चौकी की हवालात में हुई संजय कांटीवाल की मौत को लेकर अब जांच ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब पांच महीने बाद सामने आई फॉरेंसिक और न्यायिक जांच रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ है कि संजय की मौत सामान्य नहीं थी। पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर कुल 23 चोटों के निशान पाए गए हैं, जो हिंसा की ओर इशारा करते हैं।

परिजनों के मुताबिक, 22 जुलाई की रात संजय शराब के नशे में घर पर विवाद कर रहे थे। हालात बिगड़ने पर उनकी पत्नी ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और संजय को समझाइश के नाम पर मंगाली पुलिस चौकी ले जाकर हवालात में बंद कर दिया। लेकिन अगली सुबह वही संजय चौकी की हवालात में मृत मिले।

मौत की सूचना मिलते ही इलाके में तनाव फैल गया। बड़ी संख्या में लोग पुलिस चौकी के बाहर जमा हो गए और हिरासत में मारपीट का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने कुछ समय के लिए चौकी के गेट पर ताला भी जड़ दिया। हालात बिगड़ते देख प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा और पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए।

फॉरेंसिक रिपोर्ट ने बदली जांच की दिशा

आजाद नगर थाना प्रभारी दलबीर सिंह के अनुसार, फॉरेंसिक जांच में सामने आया है कि संजय के शरीर पर पाई गई चोटें हवालात में पहुंचने से 12 से 18 घंटे पहले की हैं। जांच टीम को संजय के घर से खून के धब्बे भी मिले, जिनका ब्लड ग्रुप मृतक से मेल खाता है। उनकी कमीज पर भी खून लगा हुआ पाया गया। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।

परिजनों ने उठाए सवाल

मृतक के बेटे अमित ने न्यायिक जांच की रिपोर्ट पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि जब उनके पिता को पुलिस चौकी ले जाया गया, उस समय किसी भी आधिकारिक रिकॉर्ड में चोटों का उल्लेख नहीं था। अगर चोटें पहले से मौजूद थीं, तो उन्हें अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया?

अमित ने यह भी बताया कि चौकी में मौजूद एक एसपीओ ने गवाही में कहा था कि संजय रात करीब साढ़े दस बजे सो रहे थे। ऐसे में सवाल यह है कि यदि वह सो रहे थे, तो उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर इतनी गंभीर चोटें कैसे आईं।

परिजनों का आरोप है कि सच्चाई अब भी सामने नहीं आई है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि हिरासत में हुई मौत के पीछे की पूरी सच्चाई उजागर हो सके।

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