हरियाणा। पॉक्सो अदालत ने एक धार्मिक व्यक्ति को नाबालिग छात्रा से यौन शोषण और अपहरण के मामले में 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने पीड़िता को 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने के भी आदेश दिए हैं।
मामला वर्ष 2021 का है, जब एक किशोरी अचानक घर से गायब हो गई थी। परिजनों ने तड़के उसे कमरे में न पाने पर तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर कुछ दिनों बाद उसे राजस्थान से बरामद किया।
पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि वह अक्सर पास के धार्मिक स्थल पर जाती थी, जहां आरोपी ने उसे विश्वास में लेकर कई बार शोषण किया। मौका पाकर वह उसे बहला-फुसलाकर बाहर ले गया। बाद में पीड़िता गर्भवती हो गई और बच्ची के जन्म के बाद उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत गोद दे दिया गया।
सभी साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयान के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर कड़ी कार्रवाई समाज की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
यह मामला अभिभावकों और समाज के लिए चेतावनी है कि बच्चे किससे मिल रहे हैं और किस वातावरण में जाते हैं, इस पर गहरी निगरानी जरूरी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यवहार की सूचना तुरंत दें, ताकि ऐसे अपराधों को रोका जा सके।

