
हरियाणा के सोनीपत में सिबिल अस्पताल में अवैध वसूली का डंडा धड़ल्ले से चल रहा है। जहां जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए लोगों से मनमानी रकम वसूल ली जाती है। उसके बाद प्रमाण पत्र दिए जाते है। घटना को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया जाता है। हालांकि मामला संज्ञान में आने के बाद अधिकारी मामले के जांच–पड़ताल करने की बात कर रहे है।
अवैध वसूली के शिकार हुए दो युवकों ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया है, की उन्हें पहले सर्वर डाउन होने की बात बता कर दलाल के पास भेजा जाता है। जहां उसके द्वारा बताई गई रकम देने पर प्रमाण पत्र तुरंत बन जाता है।
अवैध वसूली के शिकायत देते हुए सुनील ने बताया कि वह अपने भाई गुड्डू का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने अस्पताल गया था। जहां उससे 4000 रुपए मांग लिए गए। सुनील ने 3000 और 800 रुपए दो अलग–अलग ट्रांजेक्शन करके भुगतान भी कर दिया। ताकि प्रमाण पत्र मिल सके। इसके बावजूद भी उसे गलत जानकारी भरकर मृत्यु प्रमाण पत्र थमा दिया।
डायरी शिकायत दीपक नमक युवक ने दर्ज करवाई जब वह अस्पताल अपने नवजात बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने गया। उससे दलाल ने 500 रुपए की मांग कर दी। जिस पर दीपक ने भी भुगतान कर दिया। पहले खा गया था कि साइट फाइन है। लेकिन भुगतान करते ही प्रमाण पत्र 10 से 15 मिनिट में तैयार करके दे दिया गया।
यह जाल पहली मंजिला पर कमरा क्रमांक 120 के बाहर फैलाया है। जहां पहले से ही सांठ–गांठ बैठा कर कर्मचारी लोगों को अपने जाल में फंसते है। इस काम को अंजाम देने के लिए कोई बहती व्यक्ति ही होता है।
लगातार दो शिकायतें सामने आने से विभाग में हड़कंप मच गया है। सिविल अस्पताल के PMO डॉ. संदीप लठवाल ने कहा कि अस्पताल में किसी भी कर्मचारी की लापरवाही पाई जाने पर उसके खिलाफ काफी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही मामले की जांच उच्च अधिकारियों द्वारा करवाई जा रही है। हालांकि परेशान लोगों को दलाल तक भेजने वाले व्यक्ति की पहचान सीसीटीवी के माध्यम से हो चुकी है। शिकायत पुलिस को सौंप दी गई है।