रेवाड़ी : रेवाड़ी में ओटी असिस्टेंट का काम करने वाले युवक ने अपने लिव इन पार्टनर की हत्या कर शव को बेड में छुपा दिया फिर उसी बेड के ऊपर फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। युवक के सुसाइड का पता 4 दिन बाद बदबू आने पर चला। पुलिस उसकी लाश ले गई लेकिन उसके पैरों के नीचे ही बेड में पड़ी लिव इन पार्टनर की लाश नहीं देख पाई। जब युवक के पिता बेड लेने आए और भारी होने पर सामान निकालने के लिए उसे खोला तो अंदर महिला का हाथ दिखा। उसके बाद बेड से महिला की लाश बरामद हुई जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस की जांच के मुताबिक सुसाइड करने वाला योगेश पलवल के गांव नांगल ब्राह्मण का रहने वाला है। उसने 2017 में उत्तरप्रदेश की अयोध्या की रहने वाली युक्ति के साथ लव मैरिज की थी। उस वक्त वह फरीदाबाद में जॉब करता था। शादी के बाद उसके दो बच्चे हुए जिसमें बड़ी बेटी 6 साल और बेटा 10 माह का है, हालांकि इसके बाद उनका पत्नी से झगड़ा हो गया, जिसके बाद पत्नी उसे छोड़कर बच्चों समेत मायके चली गई। तत्पश्चात योगेश के करनाल की महिला से संबंध बन गए और वे लिव इन रिलेशन में रहने लगे। इसी दौरान योगेश को धारूहेड़ा की आशियाना सोसायटी के अस्पताल में ओटी असिस्टेंट की नौकरी मिल गई। डेढ़ साल रेवाड़ी रहने के बाद योगेश इसी साल मार्च महीने में होली के दिन धारूहेड़ा के सेक्टर 6 स्थित तीन मंजिला बिल्डिंग में किराए के कमरे में शिफ्ट हो गया। इसी दौरान महिला भी तीन बच्चों के साथ उसके साथ लिविंग रिलेशन में रहने लगी। इस दौरान उनके पड़ोसियों से कोई ज्यादा मेल मिलाप नहीं था।
पुलिस के मुताबिक 2 जून से योगेश की बाइक घर के बाहर खड़ी थी उनके घर से कोई बाहर नहीं निकला हालांकि उनकी किसी से ज्यादा बोलचाल नहीं थी इसलिए किसी ने उनके कमरे में जाकर भी नहीं देखा। 6 जून को इलाके में बदबू आने लगी। जब पुलिस योगेश के घर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस ने घर के मालिक को बुलाया इसके बाद दरवाजे को तोड़ा गया। जिसके बाद पुलिस अंदर गई तो योगेश कमरे में पंखे पर लगाए फंदे से लटक रहा था, उसके पैरों के नीचे बेड था। पुलिस ने उसके शव को नीचे उतरवाया और उसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस ने रूटीन कार्यवाही की तरह शव और कमरे की जांच की। इस दौरान कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था। इसके बाद पुलिस वहां से लौट गई मगर पुलिस ने बेड को नहीं खंगाला। अपनी कार्रवाई के बाद पुलिस ने कमरे को ताला लगा दिया लेकिन चाबी मकान मालिक को दे गई। पुलिस को परिवार ने योगेश के आत्महत्या करने की वजह मानसिक परेशानी और पत्नी से अनबन बताई थी।
इस बिल्डिंग में और भी किराएदार रहते थे। उन्हें बिल्डिंग से लगातार बदबू आ रही थी लेकिन वह यह समझते रहे कि योगेश की लाश मिलने के बाद यह बदबू खत्म नहीं हो रही। मकान मालिक खुद यहां नहीं रहता था हालांकि योगेश के सुसाइड के मामले में पुलिस ने कार्यवाही के बाद मकान मालिक को कमरा खोलने की छूट दे दी। इसके बाद मकान मालिक ने योगेश के पिता गिरिराज को बुलाया। गिर्राज बेटे का सामान लेने के लिए गुरुवार 19 जून को धारूहेड़ा पहुंचे। फिर मकान मालिक के साथ जाकर उन्होंने कमरा खोला। कमरे में रखा बेड भी योगेश का था। पिता उसे लेकर जाना चाहते थे। जब उन्होंने बेड उठाने की कोशिश की तो वह काफी भारी लगा। उन्होंने समझा कि बेड के भीतर सामान होगा। जब उसे खोलकर सामान हटाने लगे तो अंदर हाथ दिखा यह देखकर दोनों चौंक गए।
उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो बेड के भीतर से बदबू आ रही थी। पुलिस ने बेड खोला तो अंदर महिला की लाश पड़ी हुई थी, तब पता चला कि योगेश ने पहले अपने लिव इन पार्टनर की हत्या की फिर उसकी लाश को बेड में बंद कर दिया, फिर उसी बेड के ऊपर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। महिला के बारे में किसी ने कोई शक जाहिर क्यों नहीं किया, इस बारे में पुलिस ने जब पड़ोसियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि महिला के बच्चे धारूहेड़ा के गुरुकुलम स्कूल में पढ़ते थे, उसकी बड़ी बेटी पांचवी और दो बेटे चौथी व पहली क्लास में पढ़ते थे। जब महिला वहां नहीं दिखी तो हमें लगा कि बच्चों के साथ महिला भी अपनी बहन के पास चली गई होगी इसलिए उन्होंने महिला के बारे में कुछ पता करने की कोशिश नहीं की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया व अग्रिम कार्यवाही में जुट गई।
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