इंद्री तहसील में चार साल से लंबित मामलों की सुनवाई न होने से अधिवक्ताओं का गुस्सा भड़क उठा। सोमवार को वकीलों ने तहसीलदार कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी की और नायब तहसीलदार पर अभद्रता का आरोप लगाया।
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अधिवक्ताओं ने बताया कि चार नवंबर को एसडीएम अशोक मुंजाल ने आश्वासन दिया था। आश्वासन के मुताबिक मंगलवार और शुक्रवार को नियमित रूप से अदालतें लगनी थी। लेकिन आश्वासन के बावजूद मंगलवार को भी सुनवाई नहीं हुई।
बार एसोसिएशन प्रधान रणबीर सिंह ढांडा ने कहा कि चार साल से मामले लंबित हैं। बंटवारे, खसरा और गिरदावरी से जुड़े मामलों की सुनवाई नहीं हो रही। वकीलों ने प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई।
अधिवक्ता राजेश कांबोज ने बताया कि चार नवंबर को वकील नायब तहसीलदार से मिले थे। नायब तहसीलदार ने अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें कार्यालय से बाहर जाने को कहा। इसी को लेकर सोमवार को 11 सदस्यीय समिति डीसी से मिलने पहुंची थी, लेकिन डीसी चंडीगढ़ दौरे पर होने के कारण मुलाकात नहीं हो पाई।
अधिवक्ता सुखबीर सिंह ने कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होती और नायब तहसीलदार माफी नहीं मांगते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वकीलों ने नायब तहसीलदार का तबादला करने और रिक्त पद पर तहसीलदार की नियुक्ति की मांग की है।
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