झज्जर। खेड़ी सुल्तान गांव में एक चुपचाप किया गया अंतिम संस्कार अब पुलिस जांच का केंद्र बन गया है। आरोप है कि 18 वर्षीय नवविवाहिता की हत्या के बाद रात के अंधेरे और घने कोहरे का फायदा उठाकर शव को श्मशान घाट में जला दिया गया, ताकि किसी को भनक न लगे। अब उसी राख से हत्या का सच सामने लाने की तैयारी की जा रही है।
मामले में मृतका की मां की शिकायत पर पुलिस ने पति सहित ससुराल पक्ष के चार लोगों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में केस दर्ज किया है। वारदात के बाद से ही पूरा परिवार घर पर ताला लगाकर फरार है, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया है।
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के देवखेड़ा गांव की रहने वाली राधा ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपनी बेटी आशा की शादी इसी साल 30 अप्रैल को खेड़ी सुल्तान निवासी जतिन चौहान से की थी। शादी में करीब आठ लाख रुपये खर्च किए गए थे। लेकिन विवाह के कुछ ही महीनों बाद आशा की जिंदगी मुश्किलों से भर गई।
शिकायत के अनुसार, पति जतिन, सास संगीता, ससुर देवेंद्र चौहान और ननद शिवानी लगातार उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे। राधा का आरोप है कि 18 दिसंबर की रात योजनाबद्ध तरीके से उसकी बेटी की हत्या कर दी गई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना की सूचना न तो पुलिस को दी गई और न ही मायके पक्ष को। आरोप है कि उसी रात शव को श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। अगले दिन 19 दिसंबर को दोपहर बाद पति ने फोन कर आशा की मौत की जानकारी दी।
फोन कॉल के दौरान हालात संदिग्ध लगने पर राधा अपने परिजनों के साथ माछरौली थाना पहुंची और पूरे मामले से पुलिस को अवगत कराया। शिकायत मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम श्मशान घाट पहुंची, जहां से राख और जली हुई हड्डियों के अवशेष जुटाए गए।
इन नमूनों को डीएनए जांच के लिए भेजा गया है, ताकि यह पुष्टि हो सके कि अंतिम संस्कार किसका किया गया और मौत के पीछे की असली वजह क्या थी।
जांच अधिकारी भरपूर सिंह ने बताया कि बिना सूचना के रात में अंतिम संस्कार किया जाना और घटना के बाद पूरे परिवार का फरार होना गंभीर संदेह पैदा करता है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही मामले में बड़ा खुलासा होने की संभावना है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...