
झज्जर: झज्जर पुलिस की सीआईए और थाना शहर की संयुक्त टीम ने अवैध उगाही और जान से मारने की धमकी देने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक व्यापारी की शिकायत पर की गई, जिसे व्हाट्सएप कॉल और इंस्टाग्राम मैसेज के जरिए 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 28 अगस्त को उसे एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई, जिसमें 25 लाख रुपये की मांग की गई। मना करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद 7 सितंबर को एक अज्ञात इंस्टाग्राम आईडी से ऑडियो और वीडियो भेजकर 30 लाख रुपये मांगे गए। कॉल और मैसेज दोनों में धमकी दी गई थी।
सीआईए झज्जर के निरीक्षक विवेक मलिक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से दो आरोपियों — प्रीतुल (निवासी ईगरा, जींद) और मनीष उर्फ अरुण (निवासी रईया, झज्जर) — को गिरफ्तार किया। दोनों के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं और उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी सोशल मीडिया पर अपराध से प्रभावित थे। मनीष की शिकायतकर्ता से पहले 10 हजार रुपये को लेकर अनबन थी, जिसके चलते बदले की भावना से उसने अपने साथी के साथ मिलकर यह साजिश रची। तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ़्तारी की गई।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को झज्जर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अधिकारी आगे की जांच में यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या इस मामले का संबंध किसी बड़े साइबर गिरोह से है। आम लोगों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया या कॉल के जरिए धमकी मिलने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
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