
साल्हावास (झज्जर)। गांव झाड़ली स्थित रेलवे स्टेशन पर मंगलवार शाम जयपुर से उत्तर पश्चिम रेलवे के एडीआरएम रूपेश यादव पहुंचे। वह सवा 6 बजे स्पेशल ट्रेन से आए और करीब सात बजे तक स्टेशन पर रहे।
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उनके आगमन पर ग्रामीणों और दैनिक यात्रियों ने स्वागत किया और मांग पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने स्टेशन पर सुविधाओं की कमी और ट्रेनों के ठहराव को लेकर कई मुद्दे उठाए।
ग्रामीण दिनेश जाखड़, आनंद प्रकाश, मानसिंह, पवन, विक्रम, बल्ली, अरविंद शर्मा और सुदर्शन ने बताया कि झाड़ली स्टेशन से 35 से 40 गांवों के लोग जुड़े हैं। रोजाना करीब 900 यात्री यहां से यात्रा करते हैं, लेकिन स्टेशन पर पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है।
ग्रामीणों ने कहा कि कई एक्सप्रेस गाड़ियां जो पहले झाड़ली स्टेशन पर रुकती थीं, कोरोना काल में उनका ठहराव बंद कर दिया गया। यात्रियों ने इन ट्रेनों का ठहराव दोबारा शुरू करने की मांग की।
यात्रियों ने प्लेटफॉर्म नंबर एक पर टीन शेड बढ़ाने और ओवरब्रिज बनाने की भी मांग रखी। उन्होंने बताया कि झाड़ली फाटक पर बने फ्लाईओवर में सीढ़ियां नहीं हैं, जिससे यात्रियों को बस पकड़ने के लिए एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।
एडीआरएम रूपेश यादव ने कहा कि फ्लाईओवर से जुड़ा कार्य लोक निर्माण विभाग के अधीन है। उन्होंने कहा कि रेलवे संबंधित मांगों पर कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने स्टेशन पर आरक्षण खिड़की खोलने की भी मांग की। अभी यात्रियों को टिकट के लिए चरखी दादरी या कोसली जाना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि झाड़ली से 400 से अधिक विद्यार्थी रोजाना रेवाड़ी पढ़ने जाते हैं। शाम को ट्रेन न होने से लड़कियां देर रात घर पहुंचती हैं। यात्रियों ने इस समय स्लॉट में ट्रेन चलाने की मांग की। एडीआरएम ने सभी समस्याओं पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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