
करनाल/घरौंडा।
गांव फरीदपुर में जुनेजा परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कुछ ही दिनों पहले परिवार ने मुखिया महेंद्र जुनेजा को बीमारी के कारण खोया था। अब अस्थि विसर्जन के लिए जा रहे परिजनों की कार हादसे का शिकार हो गई, जिसमें उनकी पत्नी, बड़ा बेटा और दो बहनों सहित जीजा की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है।
22 सितंबर को महेंद्र जुनेजा का देहांत हुआ था। उनके घर पर शोकसभा के लिए लगाया गया टेंट अभी पूरी तरह से हटा भी नहीं था कि परिवार को एक और बड़ा सदमा झेलना पड़ा। बुधवार सुबह करीब 4:45 बजे परिजन अस्थियां विसर्जित करने हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में अर्टिगा कार अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
इस कार में महेंद्र की पत्नी मोहिनी (45), बड़ा बेटा पीयूष (22), छोटा बेटा हार्दिक (18), जीजा राजेंद्र (60), बहन विम्मी (50), छोटी बहन अंजू (46) और ड्राइवर शिवा (23) सवार थे। भीषण हादसे में मोहिनी, पीयूष, विम्मी, अंजू, राजेंद्र और ड्राइवर शिवा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हार्दिक गंभीर रूप से घायल हो गया।
दूसरी गाड़ी, ब्रेजा, जिसमें महेंद्र के भाई आत्मप्रकाश, सुरेंद्र, बहन मंजू और साले बाबू थे, सुरक्षित बच गई। हादसे की खबर मिलते ही गांव फरीदपुर और आसपास का माहौल शोक से भर गया। रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
महेंद्र की मौत के बाद अब उनकी पत्नी, बहनों, जीजा और बेटे का यूं अचानक चले जाना हर किसी को अंदर तक झकझोर रहा है। घर में मातम पसरा हुआ है और रिश्तेदार लगातार परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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