करनाल पुलिस ने बुधवार दोपहर एक बड़ी वारदात को समय रहते रोक दिया। जांच में सामने आया कि गैंगस्टर नोनी राणा ने हाल ही में करनाल में भारी विस्फोट की योजना तैयार की थी। उसके निर्देश पर शूटर अमर सिंह आरडीएक्स आधारित आईईडी, दो हैंड ग्रेनेड और टाइमर लेकर शहर पहुंचा था।
हालांकि, एक गुप्त सूचना पर एसटीएफ ने अमर को पहले ही पकड़ लिया। पूछताछ में उसने विस्फोटक सामग्री कर्ण झील के पास झंझाड़ी के जंगल में दबाने की बात स्वीकार की। इसके बाद एसटीएफ, बम निरोधक दस्ते, फोरेंसिक टीम और सीआईए ने सुबह करीब पौने दस बजे उसे लेकर जंगल में छापेमारी की। उसकी निशानदेही पर खुदाई कराकर विस्फोटक पैकेट सुरक्षित निकाले गए।
फोरेंसिक जांच में पता चला कि आईईडी लगभग पौने दो किलो वजन का था। इसमें करीब 1147 ग्राम आरडीएक्स मिलाया गया था। धमाके को ज्यादा घातक बनाने के लिए लगभग 160 ग्राम लोहे की कीलें भरी गई थीं। दो ग्रेनेड और एक टाइमर भी पैक किए गए थे। एसटीएफ आईजी वी. सतीश वालन ने बताया कि सामग्री पाकिस्तान से पंजाब भेजी गई लगती है। इसके बाद यह करनाल तक पहुंची।
नोनी राणा की प्लानिंग पहले से तय थी
एसटीएफ एसपी वसीम अकरम ने बताया कि अमर सिंह को 25 नवंबर को इंद्री रोड से पकड़ा गया था। वह गुजरात नंबर की SUV से सफर कर रहा था। उसके पास से विदेशी पिस्टल मिली।
पूछताछ में उसने बताया कि एक चैटिंग एप पर नोनी राणा ने उससे विस्फोटक लाने को कहा था। उसे यह सामग्री करीब 25 दिन पहले पंजाब से मिली थी। काम पूरा करने पर उसे 25 हजार रुपये ऑनलाइन भेजे गए थे।अमर ने बताया कि विस्फोटक कुछ दिन उसके घर में ही रखा रहा। जांच में यह भी सामने आया कि नोनी राणा, उसका भाई काला राणा और मोनू राणा, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े हैं।
यूएपीए समेत कड़े केस दर्ज
प्रारंभिक जांच में साफ है कि साजिश नोनी राणा ने रची थी। पुलिस ने उसके खिलाफ और अमर सिंह के खिलाफ यूएपीए, विस्फोटक अधिनियम और संगठित अपराध की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
आईजी वालन ने कहा कि जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि विस्फोट किस स्थान पर करने की योजना थी और सामग्री आखिर किस चैनल से आई। अमर सिंह पर पहले भी दस मामले दर्ज हैं।
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