चंडीगढ़। अमेरिका-इरान की लड़ाई का असर अब हरियाणा के स्कूलों में भी देखने को मिलेगा। कई स्कूलों में मिड-डे मील बनाने में परेशानी हो रही है। इसके मद्देनजर सरकार ने चूल्हों पर मिड-डे मील बनाने के निर्देश दिए हैं।
बच्चों के भोजन देने में नहीं होगी दिक्कत
इसका लक्ष्य स्कूली बच्चों को दोपहर का भोजन देने में दिक्कत होने से बचाना है। हरियाणा के कई जिलों ने एलपीजी का संकट चल रहा है। होटल उद्योग इससे बुरी तरह प्रभावित है। पिछले कुछ दिनों से मिड-डे मील बनाने के लिए भी समस्या की खबरें आ रही हैं। स्कूलों में गैस खत्म है और जिलों की एजेसिंयों द्वारा पहले की तरह नियमित आपूर्ति नहीं की जा रही है। कई जगह तो बच्चों को खाना नहीं मिलने की खबरें भी स्कूल शिक्षा विभाग के पास पहुंची हैं।
सिलेंडरों की आपूर्ति के लिए चल रही बात
इस परिस्थिति का संज्ञान लेते हुए निदेशक मौलिक शिक्षा ने राज्य के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों के नाम पत्र जारी किया है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार यदि स्कूलों में एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति समय पर नहीं हो पाती है, तो मिड-डे मील तैयार करने के लिए वैकल्पिक रूप से लकड़ी का उपयोग किया जा सकता है। मौलिक शिक्षा निदेशक की ओर से कहा गया है कि संबंधित गैस एजेंसियों से समन्वय कर जल्द से जल्द सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करवाएं।
कुछ समय के लिए की है व्यवस्था
इस संबंध में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की मदद ली जा सकती है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि गैस उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में विद्यार्थियों के भोजन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। निदेशालय की ओर से कहा गया है कि स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों को नियमित रूप से मिड-डे मील उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। ऐसे में आवश्यक होने पर अस्थायी रूप से लकड़ी का उपयोग कर भोजन तैयार किया जा सकता है, ताकि योजना प्रभावित न हो सके।
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