चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्र और हरियाणा की भाजपा नीत सरकारों द्वारा पंजाब से उसके हक का पानी छीनने के बार-बार किए जा रहे प्रयासों की कड़ी निंदा की है।
आप नेता एवं वरिष्ठ प्रवक्ता नील गर्ग ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा जल आवंटन एवं उपयोग के संबंध में किए गए भ्रामक दावों का पर्दाफाश किया।
गर्ग ने कहा, “आज हमने भाजपा द्वारा तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने और लोगों को गुमराह करने का एक और बेशर्म प्रयास देखा। हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने झूठा दावा किया कि हरियाणा केवल अपने हिस्से का पानी मांग रहा है, लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां करते हैं।”
एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समाचार पत्र में प्रकाशित आंकड़ों का हवाला देते हुए, नील गर्ग ने बीबीएमबी के जल हिस्से के वास्तविक आंकड़े उजागर किए। राजस्थान: 3.398 एमएएफ आवंटित, 3.738 एमएएफ खपत हुई – 10% अधिक उपयोग हुआ। हरियाणा: 2.987 एमएएफ आवंटित, 3.091 एमएएफ खपत हुई – 3% अधिक उपयोग हुआ। पंजाब: 5.512 एमएएफ आवंटित, केवल 4.925 एमएएफ उपयोग हुआ – अपने हिस्से का केवल 89% उपयोग हुआ।
गर्ग ने कहा, “ये आंकड़े साबित करते हैं कि हरियाणा और राजस्थान दोनों ने पहले ही अपने आवंटित कोटे को पार कर लिया है, जबकि पंजाब ने अपने उचित हिस्से से कम पानी का इस्तेमाल किया है। फिर भी, भाजपा पंजाब का पानी छीनने के लिए अपना निराधार अभियान जारी रखे हुए है।”
गर्ग ने संघीय ढांचे का सम्मान करने संबंधी भाजपा की नई बयानबाजी की भी आलोचना की।
गर्ग ने कहा, “यह विडंबना है कि नायब सिंह सैनी संघीय ढांचे की बात कर रहे थे, जबकि भाजपा लगातार संविधान और डॉ. बीआर अंबेडकर द्वारा परिकल्पित संघीय ढांचे को कमजोर कर रही है। भारत के लोग जानते हैं कि भाजपा अपने एजेंडे के अनुरूप किस तरह से बयानों में हेरफेर करती है।”
नील गर्ग ने केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकारों पर राजनीतिक लाभ के लिए पंजाब के संसाधनों का दोहन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “पंजाब का पानी सिर्फ़ एक संसाधन नहीं है; यह हमारे किसानों और आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन रेखा है। हम किसी को भी पंजाब को रेगिस्तान में बदलने की इजाज़त नहीं देंगे।”
नील गर्ग ने इस बात पर प्रकाश डाला कि हरियाणा के सीएम नायब सैनी के दावे हाल ही में केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में उनके द्वारा बताए गए दावों से मेल नहीं खाते। गर्ग ने सवाल किया, “अगर हरियाणा के दावों में कोई दम था, तो उन्होंने अपनी मांगों को मान्य करने के बजाय बैठक में केवल 4,500 क्यूसेक की सीमा के साथ पानी का अस्थायी ऋण क्यों मांगा? यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि हरियाणा द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों में विश्वसनीयता और सटीकता का अभाव है।”
उन्होंने जल संसाधनों के कुप्रबंधन के लिए भाजपा की आलोचना की। उन्होंने कहा, “हरियाणा ने मार्च तक अपना कोटा पूरा कर लिया है और अब पंजाब के हिस्से पर नज़र गड़ाए हुए है। हरियाणा द्वारा जल संसाधनों का यह घोर दुरुपयोग और दोहन भाजपा की जल प्रबंधन में विफलता को उजागर करता है।”
अपने वक्तव्य के समापन पर नील गर्ग ने पंजाब के पानी और उसके किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए आप के अडिग रुख को दोहराया।
उन्होंने कहा, “पंजाब इस दिनदहाड़े लूट को बर्दाश्त नहीं करेगा। हम मांग करते हैं कि भाजपा पंजाब के खिलाफ अपनी साजिश को तुरंत बंद करे। पंजाब के लोग अपने संसाधनों की सुरक्षा के लिए एकजुट हैं।”
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