अम्बाला छावनी: शिमला-कालका यूनेस्को विश्व धरोहर रेलखंड पर कोटी और घुम्मन स्टेशनों के बीच पुल संख्या 57 (किमी 7/16-17) के निकट हुए भूस्खलन के बाद उत्तर रेलवे ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यात्रियों की सुरक्षा और सुगम परिवहन सुनिश्चित किया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिमला की ओर आने वाली चार ट्रेनों को निर्धारित स्टेशनों पर शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया। इनमें ट्रेन संख्या 52456 को सोलन, 52452 को कोटी तथा 52460 एवं 52454 को धर्मपुर हिमाचल में समाप्त किया गया।
सड़क परिवहन की विशेष व्यवस्था
यात्रियों को सुरक्षित रूप से कालका पहुंचाने के लिए रेलवे कर्मचारियों ने सोलन, कोटी और धर्मपुर हिमाचल से 7 वाहनों—5 बड़ी बसों और 2 टेम्पो ट्रैवलर की व्यवस्था की। श्री विपिन पौडवाल, सीएमआई/कालका और श्री दर्शन सिंह गिल, सीएमआई/शिमला के समन्वय में स्थानीय परिचालन टीमों ने राहत एवं परिवहन व्यवस्था को संभाला। इस अभियान के तहत करीब 391 यात्रियों, 40 ट्रेन क्रू और आईआरसीटीसी कर्मचारियों को सुरक्षित रूप से कालका स्टेशन लाया गया। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए श्री विपिन पौडवाल तथा ऑनबोर्ड टीटीई कर्मचारियों ने स्वयं परिवहन काफिले की निगरानी की।
कालका स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों को तत्काल राहत प्रदान करते हुए 250 ताजे भोजन के पैकेट और पानी की बोतलें वितरित की गईं। रेलवे कर्मचारियों ने यात्रियों की सुविधा और आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा। स्थानीय यात्री अपने-अपने गंतव्यों के लिए रवाना हो गए, जबकि लगभग 120 यात्रियों को ट्रेन संख्या 13052 में समायोजित किया गया।
यात्रियों को आगे की यात्रा में सुविधा देने के लिए इस ट्रेन को विशेष रूप से रात्रि 1:30 बजे के लिए पुनर्निर्धारित किया गया। उत्तर रेलवे की त्वरित कार्रवाई, प्रभावी समन्वय और यात्रियों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण के कारण राहत एवं परिवहन अभियान सुचारू रूप से संपन्न हुआ। अभियान के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई तथा कालका स्टेशन पर किसी यात्री द्वारा शिकायत अथवा रिफंड का अनुरोध नहीं किया गया।

