पानीपत। ऑनलाइन ठगी के एक बड़े मामले में नया खुलासा हुआ है। समालखा क्षेत्र के मनाना गांव में ऑनलाइन कंपनी के माध्यम से हुई ठगी के तार विदेशों से जुड़ रहे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि विदेशों में बैठे साइबर ठग स्थानीय युवाओं को एजेंट बनाकर लोगों से ठगी करवा रहे थे।
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पूरे प्रकरण की गोपनीय जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी भी पीड़ित ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
जानकारी के अनुसार, मनाना गांव में लगभग 150 लोगों को “ग्लोबल ट्रैवल कंपनी” के नाम पर ठगा गया। कंपनी की ओर से लोगों को ऑनलाइन पैसे कमाने का झांसा दिया गया। बताया गया कि रोजाना छोटे टास्क पूरे करने पर 750 रुपये तक कमाई की जा सकती है।
लोगों से 1800 रुपये से लेकर 16,800 रुपये तक ऑनलाइन जमा करवाए जाते थे। शुरू में कुछ लोगों को रकम वापस भी दी गई, ताकि उनका भरोसा जीता जा सके। लेकिन जैसे-जैसे अधिक लोग जुड़ते गए, कंपनी अचानक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और दफ्तर बंद कर फरार हो गई।
साइबर क्राइम पुलिस की जांच में सामने आया है कि ठगी का यह नेटवर्क विदेशों से ऑपरेट किया जा रहा था। इसमें दो मुख्य व्यक्ति ग्रुप के एडमिन के रूप में सक्रिय थे। हाल ही में दिल्ली में उनका एक कार्यक्रम भी होना था। पुलिस अब उनके विदेशी लिंक और स्थानीय एजेंटों की पहचान में जुटी है।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि, “फिलहाल थाने में किसी भी पीड़ित की ओर से शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर प्रकरण की विस्तृत जांच की जाएगी।”