Patriotic Poems Inspire Youth : महेंद्रगढ़। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती की पूर्व संध्या पर हारट्रोन स्किल सेंटर में विशेष काव्य पाठ सत्र आयोजित किया गया। साहित्यसेवी एवं कवि डॉ. मनोज गौतम ने ओजपूर्ण देशभक्ति कविताओं के जरिए विद्यार्थियों और युवाओं में राष्ट्रप्रेम व शहीदों के प्रति श्रद्धा का भाव जगाया।
कार्यक्रम में साहित्यसेवी एवं कवि डॉ. मनोज गौतम को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। उन्होंने ओजपूर्ण एवं राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कविताओं के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं में देशप्रेम की भावना जागृत की। डॉ. मनोज गौतम ने कहा कि महज 23 वर्ष की आयु में देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर शहीद होना भगत सिंह के अद्वितीय साहस और राष्ट्रसमर्पण का उदाहरण है। उनका जीवन आज भी युवाओं को राष्ट्र के प्रति समर्पण, साहस और कर्तव्य की प्रेरणा देता है।
काव्य पाठ के दौरान डॉ. गौतम ने शहीदों के बलिदान, राष्ट्रप्रेम तथा देश की एकता और अखंडता से जुड़ी विभिन्न रचनाएं प्रस्तुत कीं। उन्होंने ‘शहीदों के देश को बचाओ साथियों’ और ‘खारा कहीं गंगा का किनारा हो न जाए’ जैसी ओजपूर्ण रचनाओं के साथ—
‘सर उठे तो मेरे सामने तिरंगा हो,
सर झुके तो वतन को प्रणाम हो जाए।’
जैसी पंक्तियों के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रबल किया। उनकी कविताओं में देश की समृद्धि, सुख-शांति, अखंडता और राष्ट्र के प्रति युवाओं की जिम्मेदारी का संदेश प्रमुखता से उभरा। डॉ. गौतम ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि शहीद भगत सिंह का बलिदान केवल इतिहास का विषय नहीं है, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। युवाओं को उनके विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए देश की प्रगति में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
काव्य पाठ के दौरान कार्यक्रम का वातावरण देशभक्ति से ओत-प्रोत हो गया। विद्यार्थियों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक कविताएं सुनीं और शहीदों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर गजेंद्र, रविदत्त, मंजू, मुस्कान, शुगना सहित सेंटर के विद्यार्थी तथा अन्य युवा एवं युवतियां मौजूद रहे।
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