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धान खरीद को लेकर शाहाबाद में संग्राम, किसानों ने तोड़ी बैरिकेडिंग; वाटर कैनन और आंसू गैस के बाद पुलिस का लाठीचार्ज

कुरुक्षेत्र/शाहाबाद : धान की सरकारी खरीद में देरी को लेकर मंगलवार को शाहाबाद में किसानों का रोष सड़क पर उतर आया। 20 सितंबर तक खरीद शुरू करवाने के प्रशासनिक आश्वासन के बावजूद खरीद शुरू न होने से नाराज किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी के नेतृत्व में महापंचायत की। इसके बाद किसानों ने नेशनल हाईवे की ओर कूच किया। पुलिस द्वारा लगाए गए पांच लेयर बैरिकेडिंग तोड़ने के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। किसानों को रोकने के लिए वाटर कैनन से पानी की बौछारें छोड़ी गईं और आंसू गैस के गोले दागे गए।

इसके बाद पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज भी किया। इससे पहले सुबह करीब 10 बजे किसान बराड़ा रोड स्थित शहीद ऊधम सिंह स्मारक हॉल में जुटने शुरू हो गए थे, महापंचायत शुरू हुई और किसानों को संबोधित करते हुए चढ़ूनी ने कहा कि हर वर्ष पहले किसानों पर पुलिस कार्रवाई होती है और उसके बाद धान की खरीद शुरू होती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मंडियां धान से भरी पड़ी हैं, लेकिन खरीद में लगातार देरी की जा रही है। चढ़ूनी ने आरोप लगाया कि सरकारी सिस्टम में जब तक राजेश खुल्लर जैसे अधिकारी, जो मुख्यमंत्री के सचिव जैसे पदों पर हैं, जब तक व्यवस्था में रहेंगे, तब तक धांधली खत्म नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि हर वर्ष मंडियों में धान की भीड़ लगने के बाद जल्दबाजी में खरीद शुरू की जाती है और इसी जल्दबाजी में कई बड़े-बड़े घपले होते हैं। चढ़ूनी के अनुसार, ऐसा पिछले कई वर्षों से लगातार हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे अधिकारियों के कारण प्रदेश में भाजपा सरकार फेल है। चढ़ूनी ने स्पष्ट कहा कि जब तक धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होगी, तब तक किसानों का आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उधर किसानों के हाईवे की ओर बढ़ने की सूचना के बाद प्रशासन ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए।

मौके पर वाटर कैनन वाहन, आंसू गैस वाहन, पांच लेयर पुलिस बैरिकेडिंग और बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात किए गए। इसी दौरान डीसी कुरुक्षेत्र विश्राम कुमार मीणा, एसडीएम शंभू राठी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी किसानों से बातचीत करने पहुंचे। बंद कमरे में डीसी ने चढ़ूनी और किसान नेताओं से बातचीत करते हुए सरकार की ओर से 26 सितंबर तक का समय मांगा और इसके बाद धान की सरकारी खरीद शुरू करवाने का आश्वासन दिया। बैठक के बाद चढ़ूनी दोबारा महापंचायत में पहुंचे, लेकिन किसानों को लौटाने के बजाय उन्होंने जीटी रोड जाम करने का ऐलान कर दिया।

इसके बाद बड़ी संख्या में किसान बैरिकेडिंग की ओर बढ़े और उन्हें तोड़ते हुए हाईवे की तरफ निकलने लगे। पुलिस ने वाटर कैनन चलाए और आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस को चकमा देकर कुछ किसान चढ़ूनी को स्मारक के पिछले रास्ते से बाहर निकाल कर नेशनल हाईवे पर ले गए। किसानों ने हाईवे पर वाहनों को रोक कर जाम लगा दिया। कुछ ही देर बाद पुलिस ने हाईवे पर बैठे किसानों को हटाने के लिए कार्रवाई की और आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद पुलिस जवानों ने हाईवे पर पहुंच कर करीब 10 मिनट तक लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज के बाद किसान हाईवे से उतर कर अम्बाला-दिल्ली नेशनल हाईवे लिंक रोड पर बैठ गए।

किसान चढ़ूनी को साथ लेकर बराड़ा रोड की ओर वापस आ गए। खबर लिखे जाने तक किसान बराड़ा रोड पर जाम लगा कर बैठे हैं। चढ़ूनी ने कहा कि आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, जब तक धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होती, किसानों का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने प्रदेशभर के किसानों से शाहाबाद पहुंचने का आह्वान करते हुए कहा कि किसानों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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