
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए हरियाणा पुलिस की एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार अधिवक्ता विक्रम सिंह को तुरंत रिहा करने के आदेश दिए। वकील विक्रम सिंह को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने उन्हें 10 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का निर्देश दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने अदालत में दलील दी कि विक्रम सिंह को केवल एक गैंगस्टर का केस लड़ने के कारण गिरफ्तार किया गया, जो कानून के खिलाफ है।
अदालत ने कहा कि यदि ऐसा होता रहा तो कोई भी वकील आपराधिक मामलों में पैरवी करने से डरेगा। सुप्रीम कोर्ट ने विक्रम सिंह को अंतरिम सुरक्षा प्रदान की और गुरुग्राम पुलिस आयुक्त को आदेश की जानकारी तुरंत देने को कहा।
साथ ही, अदालत ने हरियाणा पुलिस, दिल्ली सरकार और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 19 नवंबर को तय की है।
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